59 वर्षों बाद बनने जा रहे हैं, “पांच प्रबल राजयोग”- इन राशियों पर होगी धनवर्षा!

ज्योतिष शास्त्र में राजयोग का बहुत महत्त्व है क्योंकि राजयोग किसी भी जातक को रंक से राजा बनाने की क्षमता…

सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या 25 सितम्बर को, जानें पितरों के लिए कैसे बनी यह तिथि सबसे महत्वपूर्ण

पं. सचिन शर्मा शास्त्री 7489273585 =================== pitra dosh ke upay सर्व पितृमोक्ष अमावस्या 25 सितम्बर 2022 को है, हिन्दू पंचांग…

ग्यारहवाँ अध्यायः विश्वरूपदर्शनयोग- श्रीमद् भगवदगीता

ग्यारहवाँ अध्यायः विश्वरूपदर्शनयोग दसवें अध्याय के सातवें श्लोक तक भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी विभूति, योगशक्ति तथा उसे जानने के माहात्म्य…

गरुड़ पुराण ( बारहवाँ अध्याय )

“एकादशाहकृत्य-निरुपण, मृत-शय्यादान, गोदान, घटदान, अष्टमहादान, वृषोत्सर्ग, मध्यमषोडशी, उत्तमषोडशी एवं नारायणबलि” गरुड़जी ने कहा – हे सुरेश्वर ;- ग्यारहवें दिन के कृत्य-विधान…

श्रीरुद्र संहिता प्रथम खण्ड ( दशवाँ अध्याय ) “श्रीहरि को सृष्टि की रक्षा का भार एवं त्रिदेव को आयुर्बल देना”

“श्रीहरि को सृष्टि की रक्षा का भार एवं त्रिदेव को आयुर्बल देना” परमेश्वर शिव बोले ;– हे उत्तम व्रत का पालन…

नौवाँ अध्यायः राजविद्याराजगुह्ययोग- श्रीमद् भगवदगीता

नौवाँ अध्यायः राजविद्याराजगुह्ययोग सातवें अध्याय के आरम्भ में भगवान ने विज्ञानसहित ज्ञान का वर्णन करने की प्रतिज्ञा की थी। उस…

17 सितंबर से चमक सकती है इन 3 राशि वालों की किस्मत, ग्रहों के राजा सूर्य देव की रहेगी विशेष कृपा

वैदिक ज्योतिष अनसार सूर्य ग्रह कन्या राशि में गोचर करने जा रहे हैं। सूर्य देव का गोचर इन 3 राशि…

23 अक्टूबर तक इन राशियों पर रहेगी शनि की कृपा दृष्टि, मिलेगा छप्पर फाड़ पैसा

वैदिक ज्योतिष में हर ग्रह एक निश्चित समयावधि पर ही गोचर करता है। ग्रहों के गोचर का प्रभाव आम जन-जीवन…

छठा अध्यायः आत्मसंयमयोग- श्रीमद् भगवदगीता

छठा अध्यायः आत्मसंयमयोग पाँचवें अध्याय के आरम्भ में अर्जुन ने भगवान से “कर्मसंन्यास” (सांख्य योग) तथा कर्मयोग इन दोनों में…

पाँचवाँ अध्यायः कर्मसंन्यासयोग- श्रीमद् भगवदगीता

पाँचवाँ अध्यायः कर्मसंन्यासयोग तीसरे और चौथे अध्याय में अर्जुन ने भगवान श्रीकृण्ण के मुख से कर्म की अनेक प्रकार से…

तीसरा अध्यायः कर्मयोग- श्रीमद् भगवदगीता

तीसरा अध्यायः कर्मयोग दूसरे अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने श्लोक 11 से श्लोक 30 तक आत्मतत्त्व समझाकर सांख्ययोग का प्रतिपादन…

दूसरा अध्यायः सांख्ययोग- श्रीमद् भगवदगीता

दूसरा अध्यायः सांख्ययोग पहले अध्याय में गीता में कहे हुए उपदेश की प्रस्तावना रूप दोनों सेनाओं के महारथियों की तथा शंखध्वनिपूर्वक…

पहला अध्यायःअर्जुनविषादयोग- श्रीमद् भगवदगीता

पहला अध्यायःअर्जुनविषादयोग भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को निमित्त बना कर समस्त विश्व को गीता के रूप में जो महान् उपदेश…

तिथि को लेकर न हों कनफ्यूज़- इस दिन से शुरू है पितृ पक्ष-नोट कर लें श्राद्ध की सही विधि!

पितृपक्ष यानि साल में कुछ ऐसे दिनों की वह समय अवधि जिस दौरान हम अपने दिवंगत पितरों को याद करते…

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