अजन्मे की स्मृति Part - 1

Om Asttro
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 साल 2041

कमरे में एक भयानक सन्नाटा था | ऐसा प्रतीत हो रहा था , जैसे सब कुछ रुक गया हो | कमरे की सूनी दीवारों के बीच का स्थान उनकी सांसो की आवाज से गूंज रहा था | इससे पहले की श्रीमति बत्रा , पृथ्वी से पूंछ पाती कि उसे क्या परेशान कर रहा था , वह पलटा और एक मजबूत आवाज के साथ बोला , “मैंने वर्ष 2020 में सब कुछ होते हुए स्वयं देखा है और इसलिए मैं जानता हूँ कि उनके जैसा न ही पहले कभी कोई हुआ है और न ही आगे कभी होगा | वही परम सत्य है और वही मृत्यु और विनाश के देवताओं के लिए एक अपराजित चुनौती भी है |”

श्री मति बत्रा ने कहा – “ऐसा कैसे हो सकता है ? तुम कह रहे हो कि तुमने अपने पैदा होने के पहले की चीजो को देखा है ? यह असंभव है |” उत्तेजित होकर 75 वर्षीया श्रीमती बत्रा वे हैरान थी कि कैसे वर्ष 2041 में 20 साल की उम्र का लड़का 2020 में हुई घटना को देख सकता है !




पृथ्वी ने कहा – “आप सही है | मैं तब पैदा नहीं हुआ था , किन्तु फिर भी मैं उस राँस द्वीप के सुविधा केंद्र में एक से अधिक रूप में मौजूद था | मुझे सब कुछ आज भी ऐसे याद है , मानो मैं अभी भी वहाँ हूँ और सब कुछ मेरी आखोँ के सामने हो रहा है !”

पृथ्वी को देखते हुए श्री मति बत्रा बोली – “पिछले कुछ वर्षो में मैंने कई अविश्वसनीय घटनाओं और रहस्यमय चीजो को देखा है | कुछ चीजें ऐसी है , जिनका विज्ञान के पास भी कोई जवाब नहीं है और इसलिए , मैं यह विश्वास करने पर मजबूर हूँ कि ऐसे कुछ सत्य और रहस्य जरूर है, जो मेरे जैसे एक औसत मस्तिष्क की समझ से बहार है |” आँखों से आंसू पोंछते हुए वे आगे बोली, “मैं एक मामूली व्यक्ति की तरह सामान्य जीवन व्यतीत करना चाहती थी और शांति से मरना चाहती थी | मुझे एक संतोषजनक मृत्यु वर्ष 2020 में प्राप्त हो सकती थी , तब सब कुछ अच्छा था | काश, मैं तब खुशी – खुशी मृत्यु को प्राप्त कर पाती ! लेकिन सब कुछ बदल गया |”

श्री मति बत्रा ने गहरी सांस ली और खुद को सँभालने की कोशिश की | पृथ्वी ने उन्हें सँभलने का समय देते हुए वहाँ चुपचाप खड़ा रहा |

एक लम्बे समय के अन्तराल के बाद श्री मति बत्रा बोली – “न तो मैं तब उस सबका हिस्सा बनना चाहती थी और न ही अब इस सब का हिस्सा बनना चाहती हूँ, तुम यहाँ क्यों आए हो?”

पृथ्वी ने आशा भरी नजरो से जवाब दिया – “क्योंकि मैं अभी भी उसे ढूंढ रहा हूँ और आप आखिरी व्यक्ति हो , जिन्होंने उसे देखा था |”

श्री मति बत्रा पृथ्वी की आँखों में देखते हुए बोली – “मैंने अपना सब कुछ उस अभियान में खो दिया और मुझे पता भी नहीं कि कैसे और क्यों ? हाँ, मैंने उसे देखा है | पर मुझे अभी भी नहीं पता कि वह कौन था ? तुमने कहा कि तुम भी वहाँ उस द्वीप पर थे | तो बताओ मुझे, वर्ष 2020 में उस द्वीप पर क्या हुआ था ? तुमने कहा, तुम उसे खोज रहे  हो | वह भी उस समय उस द्वीप पर था | तुम्हे पता होना चाहिए कि वह कौन था ? तुम्हे उसके बारे में क्या पता है ? बताओ मुझे |”

पृथ्वी कुछ देर श्रीमति बत्रा को देखता रहा फिर उसने पूछा – “अगर मैं आपके सवालो का जवाब दूँ तो क्या आप मुझे वह सब कुछ बताएँगी, जो आप जानती हैं?”

श्री मति बत्रा बोली – “मैं वादा करती हूं की मैं कुछ नहीं छुपाऊँगी..... बस, मुझे बताओ कि वर्ष 2020 में ऐसा क्या हुआ, जिसने मेरी मृत्यु के समय को बदल दिया? मैं यह बिना जाने नहीं मरना चाहती कि यह मेरे ही साथ क्यों हुआ और क्यों मुझे इसके लिए चुना गया ?”

पृथ्वी श्रीमति बत्रा की उन बूढी व आशा भरी नजरो को देख रहा था | उसने एक गहरी सांस ली और उन्हें बताने लगा .........................

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