मंगल मांगलिक पूजा का विवरण
ज्योतिषाचार्य पं दुर्गेश शर्मा शास्त्री 7987344431


जन्म कुंडली में मांगलिक दोष निवारण, जीवनसाथी के साथ संबंधों में चल रहे तनाव को दूर करने और विवाह में हो रहे विलंब से बचने के लिए 26 जुलाई 2022, श्रावण शिवरात्रि मंगलवार को मंगलनाथ अंगारेश्वर उज्जैन में मांगलिक दोष निवारण पूजा, भात पूजा और रुद्राभिषे में भाग लें।


मत्स्य पुराण के अनुसार मंगलनाथ उज्जैन को मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है। मान्यता है कि मंगलग्रह की सीधी किरणे इस स्थान पर पड़ती है। इस पवित्र स्थान से कर्क रेखा भी गुजरती है। इन्हीं कारणों करके जन्म कुंडली में मंगल ग्रह से संबंधित सभी दोषों के निवारण के लिए मंगलनाथ में भात पूजा का विशेष महत्व है। उज्जैन भगवान महाकाल की नगरी है, इसलिए मंगलनाथ में मंगल ग्रह की मूर्ति भी शिवलिंग के रूप में है। हर मंगलवार को यहां हजारों श्रद्धालु आकर अपनी कुंडली के दोषों को दूर करने के लिए प्रार्थना करते हैं।


डिजिटल पूजा में भाग लें
पूजा के लाभ
 सुखद दांपत्य जीवन
मान्यता है कि भात पूजा करने से कुंडली में मांगलिक दोष की शांति होती है। मंगलनाथ में भात पूजा से सुखद दांपत्य जीवन की प्राप्ति होती है। ऐसे व्यक्ति के जीवन से वैवाहिक तनाव खत्म हो जाता है।


  • विवाह में देरी का समाधान
  • मांगलिक कुंडली के कारण किसी जातक के जीवन में हो रहे विवाह में देरी का समाधान मंगलनाथ में मंगल भात पूजन के जरिए हो जाता है। मांगलिक दोष की शांति होने से विवाह की संभावनाएं बनती है।
  • जीवन में शांति
    मंगल एक उग्र ग्रह है। खराब मंगल के कारण ऋण में फंसना, गुस्से से काम और रिश्ते बिगड़ना जैसी परेशानी आती है। भात पूजा से मंगल ग्रह की उग्रता कम होती है और जीवन में शांति मिलती है।
  • उत्साह और जोश में वृद्धि
    अक्सर कई बार हम कोई काम शुरू कर लेते हैं, लेकिन कुछ समय बाद उत्साह की कमी आने लगती है। मंगलनाथ में भात पूजा से जीवन में उत्साह और जोश में वृद्धि होती है।

वैदिक विधि द्वारा विद्वान ब्राह्मणों द्वारा मंगल पूजा विधान संपन्न किया जाता है
नाम और गोत्र दर्ज करें पता मनोकामना भेजें
आपके घर तक प्रसाद पहुंचाया जाएगा
सम्पर्क= अंबिका ज्योतिष केन्द्र उज्जैन नलखेड़ा 7987344431

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