ज्योतिष शास्त्र में अंको को बेहद ही महत्वपूर्ण दर्जा दिया गया है। अंक ज्योतिष के अनुसार सभी ग्रहों का अपना अंक होता है और यह अंक मानव जीवन पर अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। उदाहरण के तौर पर समझाएँ तो सूर्य के लिए एक अंक निर्धारित किया गया है, वहीं अंक दो चंद्रमा का है,  3 अंक गुरु बृहस्पति का है, चार अंक राहु का है, बुध ग्रह का अंक 5 है, शुक्र का अंक 6 है, केतु का अंक सात है, शनि को आठवां अंक दिया गया है, और मंगल ग्रह के लिए अंक नौ निर्धारित किया गया है।

 

आज अपने इस अंक शास्त्र विशेष ब्लॉग में जानेंगे कि आखिर हर अंक क्या कहता है? हर अंक की विशेषता क्या होती है? और किस अंक के जातकों का क्या गुण-अवगुण स्वभाव होता है?

 

अंक शास्त्र का महत्व

आगे बढ़ने से पहले आइए जान लेते हैं अंक शास्त्र का इतना महत्व क्यों माना गया है? दरअसल ज्योतिष शास्त्र की ही तरह अंक शास्त्र को भी बेहद ही महत्वपूर्ण माना गया है। इस विशेष विद्या से व्यक्ति के भविष्य, भूत, और वर्तमान से जुड़ी जानकारी को हासिल किया जा सकता है। इसके साथ ही अंक ज्योतिष की मदद से व्यक्ति के गुण, अवगुण, व्यवहार और विशेषताओं के बारे में भी बेहद ही आसानी से जाना जा सकता है। 

शादी से पहले लड़का लड़की का मूलांक निकालकर उनके गुणों का मिलान भी किए जाने का विधान होता है। इसके अलावा बात करें अंक शास्त्र के उपयोग की तो वास्तु शास्त्र, नए घर के निर्माण के लिए, इसके अलावा सफलता प्राप्ति के लिए अपने नाम की स्पेलिंग में भी परिवर्तन के लिए अंक शास्त्र का महत्व बताया गया है।

 

अंक और इसका व्यक्ति के व्यक्तित्व पर प्रभाव

अंक 1 को सूर्य का अंक माना गया है। ऐसे में इस अंक के प्रभाव स्वरूप व्यक्ति के अंदर नेतृत्व की क्षमता बढ़ती है। साथ ही ऐसे अंक वाले व्यक्ति बेहद ही साहसी, वीर, पराक्रमी होते हैं। साथ ही ऐसे लोग तेजस्वी और जिद्दी भी होते हैं।

अंक 1 प्रसिद्ध व्यक्ति- एनी बेसेंट, शुभ दिन- रविवार, शुभ रत्न- पुखराज

अंक 2 को चंद्रमा का अंक माना गया है। ऐसे में ऐसे जातकों के अंदर नेतृत्व की क्षमता का अभाव होता है। वहीं व्यक्तित्व में ऐसे लोग शांतिप्रिय होते हैं और दूसरों का हर कदम पर सहयोग देने वाले होते हैं। अंक दो के प्रभावस्वरूप व्यक्ति भावुक होते हैं।

अंक 2 के प्रसिद्ध व्यक्ति- थॉमस चाइल्डन, शुभ दिन- सोमवार, शुभ रत्न- मोती

अंक 3 को गुरु बृहस्पति का अंक माना गया है। जिसके प्रभाव स्वरूप ऐसे व्यक्ति स्वाभिमानी होते हैं। इन्हें दूसरों के सामने झुकना बिल्कुल पसंद नहीं होता है। यह स्वतंत्र ख्यालों वाले, साहसी, वीर, शक्तिशाली, और कठिन परिश्रमी लोग होते हैं।

अंक 3 के प्रसिद्ध व्यक्ति- रजनीकांत, शुभ दिन- बृहस्पतिवार, शुभ रत्न- जामुनिया रत्न

अंक 4 को राहु का अंक माना गया है। ऐसे में ऐसे जातक क्रांतिकारी, वैज्ञानिक, और राजनेता आदि बनते हैं। इसके अलावा ऐसे जातकों के व्यक्तित्व में घमंड और अहंकार भी देखने को मिलता है।

अंक 4 के प्रसिद्ध व्यक्ति- जॉर्ज वाशिंगटन, शुभ दिन- शनिवार, शुभ रत्न- नीलम

 

अंक 5 बुध का अंक माना गया है। ज्योतिष में बुध को बुद्धि का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में 5 अंक वाले जातक बुद्धिमान स्वभाव के होते हैं, बेहद ही कर्मशील होते हैं, जीवन में नई चुनौतियां लेना और उन्हें पूरा करना इन्हे बेहद अच्छा लगता है। इसके अलावा ऐसे जातक बेहद ही तार्किक भी होते हैं और कोई भी फैसला लेने में बेहद ही निपुण होते हैं।

अंक 5 के प्रसिद्ध व्यक्ति- महारानी यूगनि, शुभ दिन-बुधवार, शुभ रत्न- हीरा, प्लैटिनम, चांदी

अंक 6 को शुक्र का अंक बोला जाता है। शुक्र ग्रह ज्योतिष में सुख, शांति, और सुंदरता का प्रतीक होता है। ऐसे में 6 अंक वाले जातक बेहद ही शानदार व्यक्तित्व वाले होते हैं, दिखने में सुंदर और प्रभावशाली व्यक्तित्व के होते हैं। ऐसे जातक कलाप्रेमी होते हैं और लंबी आयु, स्वस्थ जीवन, हंसमुख स्वभाव के साथ अपना जीवन व्यतीत करते हैं।

अंक 6 के प्रसिद्ध व्यक्ति-जॉर्ज III, शुभ दिन- शुक्रवार, शुभ रत्न- फिरोज़ा 

अंक 7 को केतु का अंक माना गया है। ऐसे में इस अंक वाले जातक स्वतंत्र विचारों वाले और असमान व्यक्तित्व वाले होते हैं। इन्हें शांत बैठना बिल्कुल पसंद नहीं होता है। यह हमेशा अपने जीवन में बदलाव और यात्रा के लिए तत्पर रहते हैं। अपने जीवन में अपने परिश्रम के दम पर यह धन अर्जित करते हैं। हालांकि उन्हें धन संचय करने में तमाम परेशानियों का सामना उठाना पड़ सकता है।

अंक 7 के प्रसिद्ध व्यक्ति- रानी एलिज़ाबेथ, शुभ दिन- रविवार, शुभ रत्न- मोती 

अंक 8 शनि का अंक है। ऐसे में ऐसे जातक कर्म प्रिय होते हैं और एक जुट होकर अपने कर्मों में लगे रहते हैं। किसी भी बात को गंभीरता से लेते और सोचते हैं। साथ साथ ही इनका व्यक्तित्व शांत, गंभीर और निश्छल होता है।

अंक 8 के प्रसिद्ध व्यक्ति- जोसेफ चेम्बरलेन, शुभ दिन- शनिवार, शुभ रत्न- नीलम 

अंत में बात करें अंक 9 की तो यह मंगल का अंक होता है। ऐसे में इस अंक वाले जातक बेहद ही उत्साही और ऊर्जा से लबरेज होते हैं। ताकतवर शरीर के मालिक 9 अंक के जातक किसी भी परिस्थिति से निपटने की क्षमता रखते हैं। इन्हें अपने जीवन में अनुशासन और सिद्धांत बेहद ही प्रिय होते हैं।

अंक 9 के प्रसिद्ध व्यक्ति- लॉर्ड कार्सन, शुभ दिन- मंगलवार, शुभ रत्न- रूबी 

 

अंकों में इन तीन अंकों को माना गया है अशुभ- वजह जानते हैं आप?

अंक 3: यूं तो गुरु के प्रतिनिधित्व वाला अंक 3 जातकों को मेधावी और बुद्धिमान बनाता है। हालांकि यह अंक हमेशा शुभ परिणाम नहीं देने के लिए जाना जाता है। अंक 3 वाले जातकों को पारिवारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। करियर में रुकावटों का सामना करना पड़ता है और कई बार दुर्घटनाएं और हादसे भी ऐसे जातकों को परेशान करते हैं।

अंक 4: राहु का अंक 4 सबसे रहस्यमई अंकों में से एक माना गया है। अंक तेराह (13) का जोड़ होता है चार और इसे अशुभ माना जाता है। ऐसे में अंक 4 को सबसे ज्यादा पीड़ा पहुंचाने वाला अंक माना गया है। इस अंक में पैदा होने वाले जातक बेहद ही रहस्यमई जीवन जीते हैं। उनकी जिंदगी में निरंतर उतार-चढ़ाव बने रहते हैं। साथ ही इन्हें सफलता भी देरी से मिलती है।

अंक 8: शनि का अंक 8 भी कई बार व्यक्ति के जीवन में तमाम परेशानी की वजह बनता है। इस अंक में बड़े-बड़े आतंकी हमले, तूफान, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाएँ भी देखी जाती है। इस अंक के जातकों के जीवन में बाधाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी आये दिन देखने को मिलती है। इसके अलावा ऐसे जातकों के जीवन में दुर्घटनाओं और हादसों का भय भी हमेशा लगा रहता है। 

 

इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा omasttro  के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

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