अप्रैल महीने के आगाज के साथ ही वसंत ऋतु अपने चरम पर है। साल के इस सबसे खूबसूरत समय का हमारे जीवन पर भी खुशहाल रंग देखने को अवश्य ही मिलता है। इसी आशा के साथ कि इस वसंत ऋतु की ही तरह आपके जीवन में भी हरियाली और खुशियां हमेशा बनी रहे। आइए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं अप्रैल महीने से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण और जानने योग्य बातें। अप्रैल महीने की बात करें तो यह महीना उत्तरी गोलार्ध में सूर्य और वृद्धि का महीना माना गया है और इसका नाम लैटिन शब्द एपेरेयर (खुलने के लिए) या खुबानी (धूप) से आया है। अप्रैल महीना बसंत के आगमन और राशि चक्र की शुरुआत के साथ नई शुरुआत का महीना होता है।

बढ़ने और खिलने के मौसम के साथ-साथ किए महीना रामनवमी, चेती चंद, उत्तरायण, चैत्र अमावस्या, वैशाख अमावस्या, जैसे ढेरों उत्सव और त्योहार अपने साथ लेकर आता है। इस ब्लॉग में हम आपके लिए अप्रैल महीने में पड़ने वाले हर महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, बैंक अवकाश, इत्यादि की जानकारी प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा इस विशेष ब्लॉग में हम आपको सभी 12 राशियों के लिए मासिक भविष्यवाणी की झलक भी पेश कर रहे हैं जिससे आपको समय से पहले ही इस बात का अंदेशा हो जाएगा कि आने वाले महीने में आपके लिए क्या कुछ खास और स्पेशल होने वाला है।

यानी कि अप्रैल महीने की एक विशेष ज्योतिषीय झलक आधारित इस ब्लॉग में हम आपको इस महीने के बारे में हर महत्वपूर्ण और छोटी-बड़ी बातों की जानकारी प्रदान कर रहे हैं। तो आइये आगे बढ़ते हैं और जानते हैं इस महीने में पड़ने वाले व्रत त्योहारों, ग्रहण, गोचरों, बैंक अवकाश इत्यादि की संपूर्ण जानकारी।

अप्रैल महीने में जन्मे लोगों का व्यक्तित्व

यूं तो अप्रैल साल का चौथा महीना होता है लेकिन राशि चक्र के अनुसार यह राशि में मेष यानी राशि चक्र की पहली राशि का भी महीना होता है। नतीजन अप्रैल का महीना कुछ अनूठी विशेषताओं वाला महीना माना गया है और साल के अन्य महीनों की तुलना में इस महीने की विशेषता सबसे अलग और खास मानी जाती है।

जानकार और ज्योतिषी मानते हैं कि अप्रैल में पैदा होने वाले लोग बहिर्मुखी स्वभाव की तुलना में ज्यादा अंतर्मुखी होते हैं। वह अपने साथ-साथ दूसरों के लिए भी आलोचनात्मक होते हैं। इस महीने जन्मे लोग जो कुछ भी काम शुरु करते हैं उसमें अपना 100% देने के लिए तत्पर रहते हैं। इन्हें यात्रा करना बहुत पसंद होता है वहीं विश्वासघात और धोखेबाज़ी इन्हें बिल्कुल पसंद नहीं होती है। अप्रैल महीने में जन्मे लोग किसी भी उद्देश्य को बेहद ही आसानी से प्राप्त करने में कामयाब होते हैं और किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति के काम को भी पूरा करने का इनके अंदर एक अनूठा साहस होता है। हालांकि अक्सर देखा गया है कि अप्रैल में जन्मे लोग जिद्दी स्वभाव के होते हैं और यही वजह है कि उनकी यह आदत उन्हें खुश रहने नहीं देती है।

इस महीने जन्मे लोगों के साथ रहना और इन्हें समझना कई बार चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। खास करके अगर ये आपको पसंद नहीं करते हैं लेकिन अगर अप्रैल में जन्मे लोग आप पर भरोसा करते हैं तो यह आपके सबसे खास और विश्वसनीय दोस्त साबित होते हैं।

अप्रैल के महीने में जन्म लेने वाले लोग अपने सपनों को, जुनून और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से समर्पित होते हैं। इस महीने जन्मे लोगों में ऊर्जा शानदार होती है जो उनका उनके लक्ष्य के प्रति समर्पित होने को भी बखूबी दर्शाती है। इसके साथ ही इस महीने जन्मे लोग उन्मुख होते हैं और भविष्य के प्रति अच्छी तरह से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता रखते हैं।

अप्रैल में जन्मे लोगों के लिए भाग्यशाली अंक: 9

अप्रैल में जन्मे लोगों के लिए भाग्यशाली रंग: क्रिमसन, लाल, गुलाबी और पिंक

अप्रैल में जन्मे लोगों के लिए भाग्यशाली दिन: मंगलवार

अप्रैल में जन्मे लोगों के लिए भाग्यशाली रत्न: हीरा

उपाय/सुझाव: ‘ॐ भौं भौमाये नमः’ मंत्र का जाप करें।

अप्रैल महीने में बैंक अवकाश

अलग-अलग राज्यों को जोड़ कर बात करें तो अप्रैल के महीने में कुल 23 बैंक अवकाश होने वाले हैं। हालांकि अलग-अलग राज्यों के हिसाब से इनका पालन क्षेत्र की मान्यताओं और संस्कृति पर निर्भर करता है। नीचे हम को अप्रैल महीने के सभी बैंक अवकाशों की संपूर्ण सूची प्रदान कर रहे हैं।

तारीख़ दिन  बैंक अवकाश 
1 अप्रैल, 2022 शुक्रवार ओडिशा दिवस
2 अप्रैल, 2022 शनिवार तेलुगु नववर्ष
2 अप्रैल, 2022 शनिवार गुड़ी पड़वा उगादी
4 अप्रैल, 2022 सोमवार सरहुल
5 अप्रैल, 2022 मंगलवार बाबु जगजीवन राम जयंती
10 अप्रैल, 2022 रविवार राम नवमी
13 अप्रैल, 2022 बुधवार बोहाग बिहू छुट्टी
14 अप्रैल, 2022 गुरुवार महावीर जयंती
14 अप्रैल, 2022 गुरुवार वैशाखी/बैसाखी
14 अप्रैल, 2022 गुरुवार डॉ अम्बेडकर जयंती
14 अप्रैल, 2022 गुरुवार तमिल नववर्ष
14 अप्रैल, 2022 गुरुवार महा विशुबा संक्रांति
14 अप्रैल, 2022 गुरुवार बोहाग बिहु
14 अप्रैल, 2022 गुरुवार चीराओबा
15 अप्रैल, 2022 शुक्रवार विशु
15 अप्रैल, 2022 शुक्रवार गुड फ्राइडे
15 अप्रैल, 2022 शुक्रवार बंगाली नव वर्ष
15 अप्रैल, 2022 शुक्रवार हिमाचल दिवस
16 अप्रैल, 2022 शनिवार ईस्टर शनिवार
17 अप्रैल, 2022 रविवार ईस्टर रविवार
21 अप्रैल, 2022 गुरुवार गरिया पूजा
29 अप्रैल, 2022 शुक्रवार शब-ए-क़द्र
29 अप्रैल, 2022 शुक्रवार जमात-उल-विदा

अप्रैल महीने के महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार

1 अप्रैल, 2022 शुक्रवार चैत्र अमावस्या

चैत्र अमावस्या हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस अमावस्या को बेहद ही विशेष और महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन लोग स्नान दान और अन्य धार्मिक कार्य करते हैं। अमावस्या तिथि पितृ तर्पण के लिए बेहद ही उपयुक्त मानी जाती है। पितरों की मुक्ति के लिए पितृ तर्पण के साथ चैत्र अमावस्या पर कई तरह के धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन उपवास करने से न केवल पूर्वजों को मुक्ति प्रदान होती है और शांति मिलती है बल्कि इससे व्रत करने वाले लोगों को अत्यंत संतुष्टि, भगवान का आशीर्वाद और जीवन में सफलता भी प्राप्त होती है।

2 अप्रैल, शनिवार चैत्र नवरात्रि – उगादि – घटस्थापना – गुड़ी पड़वा

चैत्र नवरात्रि 9 दिनों तक मनाई जाती है और यह देवी दुर्गा के नौ अवतारों को समर्पित एक बेहद ही पावन व्रत होता है। हर साल अप्रैल और मार्च के महीने में यह शुभ हिंदू त्यौहार मनाया जाता है। इस दौरान देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है।

उगादि की बात करें तो हिंदू नव वर्ष उगादि भारत के दक्षिणी क्षेत्रों के लोगों द्वारा मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार उगादि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (हिंदू महीने चैत्र पखवाड़े का पहला दिन)  को मनाया जाता है।

 

गुड़ी पड़वा एक मराठी त्योहार है जो हिंदू नव वर्ष की शुरुआत के जश्न के रूप में मनाया जाता है पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नव संवत्सर प्रारंभ होता है।

3 अप्रैल, रविवार चेती चंद

चेटी चंड का त्योहार हिंदी कैलेंडर में सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक माना गया है और यह सिंधी परोपकारी संत झूलेलाल के जन्म के सम्मान में मनाया जाता है। हिंदी नव वर्ष के रूप में मनाया जाने वाला यह त्यौहार चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन मनाया जाता है। लोग इस पूर्व संध्या पर समृद्धि और धन प्राप्ति के लिए भगवान वरुण की प्रार्थना करते हैं। झूलेलाल को जल देवता के रूप में माना जाता है। चेती चंद ना केवल अपने धार्मिक महत्व के चलते महत्वपूर्ण होता है बल्कि इसलिए भी इसका महत्व कितना माना जाता है क्योंकि सिंधु समुदाय के पारंपरिक मूल्यों और विश्वासों का यह त्यौहार प्रतिनिधित्व करता है।

10 अप्रैल, रविवार रामनवमी

रामनवमी का यह पावन हिंदू त्योहार अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र प्रभु भगवान श्री राम के जन्म उत्सव के उपलक्ष में मनाया जाता है।

यह त्यौहार चैत्र महीने के नौवें दिन (हिंदू चंद्र कैलेंडर में पहला महीना) पर पड़ता है। यह बसंत नवरात्रि के उत्सव का अंत भी होता है इस दिन बहुत से लोग व्रत भी करते हैं।

11 अप्रैल, सोमवार चैत्र नवरात्रि पारणा

चैत्र नवरात्रि पारण चैत्र मास के चैत्र शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह चैत्र नवरात्रि उत्सव का नौवां और आखरी दिन होता है।

नवमी और दशमी पर पारण किया जाना चाहिए या नहीं इस पर शास्त्रों का खंडन करने के बावजूद बहुत से लोग दशमी तिथि पर पारण का पक्ष लेते हैं। बहुत से लोग ऐसा मानते हैं कि नवमी तिथि के दिन नवरात्रि का व्रत किया जाना चाहिए और इसीलिए दशमी तिथि के दिन व्रत के पारण का विधान बताया गया है।

12 अप्रैल, मंगलवार कामदा एकादशी

कामदा एकादशी का व्रत भगवान वासुदेव की भव्यता और सम्मान के रूप में मनाया जाता है। स्वाभाविक सी बात है कि इस दिन उनकी पूजा भी की जाती है।

भगवान विष्णु की पूजा करने के लिए सबसे उपयुक्त एकादशी का दिन माना जाता है। ऐसे में बहुत से लोग इस दिन व्रत भी करते हैं। मान्यता है कि इस दिन सिर्फ व्रत करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और पापों का नाश होता है। एकादशी व्रत से 1 दिन पहले यानी दशमी तिथि के दिन दिन में केवल एक बार भोजन करना चाहिए, इसके बाद भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए और एकादशी तिथि के दिन व्रत रखना चाहिए और उसके अगले दिन यानी द्वादशी पर व्रत का पारण करना चाहिए।

14 अप्रैल, गुरुवार प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष) – मेष संक्रांति

प्रदोष व्रत को बहुत सी जगह पर प्रदोषम भी कहते हैं और यह भगवान शिव को समर्पित एक द्वामसिक त्यौहार है। यानी कि 1 माह में दो बार मनाया जाने वाला त्यौहार है। यह चंद्र पखवाड़े के 13 वें दिन मनाया जाता है। यह दिन पूरी तरह से सर्वोच्च भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित है। प्रदोष व्रत एक धार्मिक व्रत है जो विजय, बहादुरी और अभय होने का प्रतिनिधित्व करता है।

सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश को गोचर या संक्रांति कहते हैं। ऐसे में जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा तो इसे मेष संक्रांति के नाम से जाना जाएगा। मेष संक्रांति का यह पर्व भारत में बेहद लोकप्रिय माना जाता है और इसे देश के कई हिस्सों में धूमधाम और आनंद के साथ मनाया जाता है।

16 अप्रैल, शनिवार हनुमान जयंती – चैत्र पूर्णिमा व्रत

हनुमान जयंती को भगवान हनुमान के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं। हनुमान जयंती हर साल हिंदू महीने चैत्र की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। कुछ क्षेत्रों में हिंदू महीने कार्तिक में अंधेरे पखवाड़े के चौदहवें दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है।

चैत्र पूर्णिमा चैत्र के महीने में आने वाली पूर्णिमा को कहते हैं। इसे कई जगहों पर चैती पूनम के रूप में भी जाना जाता है। इसे हिंदू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह हिंदू वर्ष के पहले महीने की पूर्णिमा तिथि होती है। इस दिन लोग भगवान सत्यनारायण का आशीर्वाद लेने के लिए व्रत पूजा आदि करते हैं और रात में चंद्रमा भगवान की पूजा करते हैं। चैत्र पूर्णिमा पर, यह भी माना जाता है कि एक व्यक्ति यदि किसी नदी, तीर्थ सरोवर, या पवित्र झील में स्नान और यथाशक्ति के अनुसार दान करता है तो उसे पुण्य प्राप्त होता है।

19 अप्रैल, मंगलवार संकष्टी चतुर्थी

संकष्टी चतुर्थी हिंदू कैलेंडर के अनुसार कृष्ण पक्ष के चौथे दिन मनाई जाती है। यह भगवान गणेश को समर्पित एक बेहद ही शुभ दिन माना जाता है। संकष्टी शब्द की उत्पत्ति संस्कृत संस्कृत शब्द ‘संकष्टी’ का अर्थ ‘मुक्ति’ या ‘कठिन और कठोर परिस्थितियों से बचना’ है, जबकि ‘चतुर्थी’ का अर्थ है ‘चौथी अवस्था’ से मिलकर बना है। इस दिन पूजा और उपवास करने से व्यक्ति को शांति, समृद्धि, ज्ञान और प्रसिद्धि प्राप्त होती है।

26 अप्रैल, मंगलवार वरुथिनी एकादशी

वरुथिनी एकादशी का व्रत सुख और सौभाग्य प्रदान करता है। इसके अलावा यह व्रत बीमारी और तमाम तरह की पीड़ा को दूर करने के साथ-साथ पापों को दूर करने और ऊर्जा और जोश को बहाल करने के संदर्भ में भी बेहद उपयोगी माना गया है। इस दिन भक्ति भाव से भगवान मधुसूदन की पूजा करने का विधान बताया गया है। वरुथिनी एकादशी के दिन उपवास करने से सूर्य ग्रहण के दौरान सोना दान करने के जितना फल प्राप्त होता है।

28 अप्रैल, गुरुवार प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष)

प्रदोष व्रत एक बेहद ही शुभ फलदायी व्रत होता है और कहते हैं इस व्रत को करने से व्यक्ति को विकास और सुख प्राप्त होता है। प्रदोष व्रत आपको कठिन परिस्थितियों से गुजरते हुए अपने अतीत के पापों को दूर करने के लिए बेहद ही उपयुक्त माना जाता है। यदि आप मानसिक स्पष्टता और मन की शांति चाहते हैं, तो यह व्रत आपके लिए है। यह आपको समृद्धि, साहस और भय का उन्मूलन ला सकता है।

29 अप्रैल, शुक्रवार मासिक शिवरात्रि

शिवरात्रि का व्रत भगवान शिव को समर्पित एक बेहद ही शुभ और शक्तिशाली व्रत होता है। कहते हैं यह श्रद्धा, बेहतर जीवन और भविष्य में सफलता के लिए पुरुष और महिलाएं दोनों ही कर सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि शिव मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने से व्यक्ति को सभी सांसारिक इच्छाओं से मुक्ति मिलती है। मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने के और भी कई फायदे हैं जैसे स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलता है, स्वास्थ्य अच्छा रहता है, और साथ ही व्यक्ति को खुशियां भी प्राप्त होती है। ऐसा कहा जाता है कि यह उपवास करने से व्यक्ति के जीवन के सभी तनाव और दुख से मुक्ति प्राप्त होती है।

30 अप्रैल, शनिवार वैशाख अमावस्या

हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना वैशाख है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग (युग) इसी महीने शुरू हुआ था। यह वैशाख अमावस्या के धार्मिक महत्व को दस गुना करता है। इस दिन धार्मिक कार्य, स्नान, दान और पितृ तर्पण अत्यंत शुभ माने जाते हैं। इस अमावस्या को कालसर्प दोष से छुटकारा पाने के लिए ज्योतिषीय उपचारों के अधीन भी किया जाता है। दक्षिण भारत में इसी दिन शनि जयंती मनाई जाती है।

अप्रैल महीने के गोचर और अस्त ग्रहों की जानकारी 

  • मंगल का कुंभ राशि में गोचर (07 अप्रैल, 2022): मंगल 7 अप्रैल 2022, गुरुवार को 14:24 बजे अपनी उच्च राशि मकर से निकलकर शनि देव की ही कुंभ राशि में गोचर करने वाला है।
  • बुध का मेष राशि में गोचर (08 अप्रैल 2022): बुध देव 08 अप्रैल 2022, शुक्रवार के दिन 11:50 बजे मीन राशि से अपना स्थान परिवतर्न करते हुए मेष राशि में अपना गोचर करेगा और ये यहाँ 25 अप्रैल 2022, सोमवार तक इसी राशि में स्थित रहेगा।
  • राहु गोचर: राहु 12 अप्रैल 2022 को सुबह 11:18 बजे वृषभ राशि से मेष राशि में गोचर करेगा।
  • केतु गोचर: केतु मंगल के आधिपत्य वाली राशि वृश्चिक से 12 अप्रैल, 2022 को सुबह 11:18 बजे पर शुक्र के आधिपत्य वाली राशि तुला में गोचर करेगा।
  • बृहस्पति गोचर: बृहस्पति इस वर्ष 13 अप्रैल 2022 को सुबह 11 बजकर 23 मिनट पर शनि शासित राशि मकर से अपनी स्वराशि मीन में गोचर करेगा।
  • सूर्य का मेष राशि में गोचर (14 अप्रैल 2022): अब 14 अप्रैल 2022, गुरुवार के दिन 8:33 बजे अपने मित्र ग्रह गुरु बृहस्पति की मीन राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि मेष राशि में गोचर करेगा।
  • बुध का वृषभ राशि में गोचर (25 अप्रैल 2022): बुध देव एक बार फिर अपना राशि परिवर्तन करते हुए वृष राशि में 25 अप्रैल 2022, सोमवार को 00:05 बजे अपना गोचर करेंगे।
  • शुक्र का मीन राशि में गोचर (27 अप्रैल, 2022): शुक्र देव शनि देव की कुंभ राशि से निकलकर मीन में 27 अप्रैल 2022, बुधवार को अपना गोचर करेंगे।
  • शनि गोचर 2022: शनि 29 अप्रैल 2022 को सुबह 09:57 बजे कुंभ राशि में गोचर करेंगे।

सभी बारह राशियों के लिए अप्रैल की महत्वपूर्ण भविष्यवाणी 

मेष राशि: अप्रैल 2022 मेष राशि के जातकों के लिए कई क्षेत्रों में सफलता वहीं कुछ में कठिनाई लेकर आएगा। दसवें भाव में शनि की मौजूदगी के चलते आप अपने करियर में कड़ी मेहनत करेंगे। हालांकि इसके बावजूद नौकरी पेशा जातकों के लिए यह समय मुश्किलों भरा साबित होगा। इस राशि के छात्र जातकों के लिए यह समय काफी शुभ रहने वाला है क्योंकि इस दौरान बृहस्पति, शुक्र और मंगल सभी एकादश भाव में मौजूद होंगे।

हालांकि राहु इस दौरान आपके दूसरे भाव में है और शनि दशम भाव में है इसलिए मुमकिन है कि अपने पारिवारिक जीवन में कुछ तनाव बढ़ सकता है या असहमति की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा बात करें आर्थिक पक्ष की तो बृहस्पति और राहु के अपने-अपने भावों में प्रभाव के चलते आपका आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। इस राशि के व्यापारी जातकों के लिए यह समय अच्छा रहेगा। इस दौरान आपको छोटी-मोटी बीमारियों से राहत मिलेगी।

वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों के लिए यह महीना आपके जीवन के सभी पहलुओं में शुभ साबित होगा। दशम भाव में बृहस्पति, मंगल और शुक्र की मौजूदगी के चलते आपको भाग्य का पूरा समर्थन प्राप्त होगा और जिसके प्रभाव स्वरूप आपको नौकरी और व्यवसाय में ध्यान देने में मदद मिलेगी। मुमकिन है कि आपके कार्यक्षेत्र में चीज़ें इस समय आगे बढेंगी। छात्रों के लिए यह समय शानदार रहने वाला है क्योंकि देव गुरु इस दौरान आपकी कुंडली में मौजूद हैं।

बृहस्पति, शुक्र, और मंगल की युति होगी जिससे उन्हें चौथे घर का पूरा नजारा मिलेगा। वहीं दूसरी तरफ परिवार में तनाव की स्थिति बनती नजर आ सकती है। प्रेम जीवन सामान्य रहेगा। जीवन साथी के साथ आपके रिश्ते सुधरेंगे। जीवन साथी के साथ आपके रिश्ते इस दौरान मजबूत हो सकते हैं।

मिथुन राशि: अप्रैल 2022 में मिथुन राशि के जातकों को विभिन्न क्षेत्रों में समृद्धि प्राप्त होगी। इस दौरान राशि स्वामी बुध दशम भाव में स्थित होंगे जिससे नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन मिल सकता है। व्यापारिक जातक भी अपने व्यापार का विस्तार कर सकते हैं। क्योंकि देव गुरु बृहस्पति नवम भाव में स्थित है इसलिए छात्रों के लिए यह समय शानदार रहेगा और वे खुद को पढ़ाई में ज्यादा समर्पित पाएंगे।

महीने की शुरुआत में शनि की दृष्टि द्वितीय भाव में होने के चलते पारिवारिक कलह की आशंका बन रही है। इस दौरान मामूली मुद्दे भी भावुक तर्क वितर्क की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ आपका प्रेम जीवन शानदार रहेगा। नौकरी पेशा लोगों के लिए नए आमदनी के रास्ते खुलेंगे। यदि आप किसी बीमारी या फिर रोग से पीड़ित हैं तो इस समय मुमकिन है कि आपको उसका इलाज मिल जाए।

कर्क राशि: कर्क राशि के तहत जन्मे लोगों के लिए अप्रैल का महीना विभिन्न क्षेत्रों में सफलता लेकर आएगा। विदेशी संस्थानों में काम करने वाले लोगों को सफलता मिलेगी क्योंकि दशम भाव का स्वामी मंगल आठवें भाव में बृहस्पति के साथ मौजूद है। इस दौरान आपको नए रोजगार के मौके भी प्राप्त हो सकते हैं। इस राशि के जो छात्र जातक किसी भी विदेशी विश्वविद्यालय में या कॉलेज में पढ़ाई करना चाहते हैं उनके लिए यह समय शानदार समय होगा।

मुमकिन है कि आप दूसरे देश में पढ़ाई करने जा सकते हैं। हालांकि प्रेम जीवन इस समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहेगा और प्रेमियों के बीच दूरियां बढ़ने की आशंका है। नौकरी पेशा जातकों के प्रमोशन से उनकी आमदनी के रास्ते खुलेंगे। राहु के ग्यारहवें भाव में होने से आय में वृद्धि होगी। इस दौरान आपको गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिल सकती है।

सिंह राशि: सिंह राशि के जातकों के लिए यह महीना खुशहाली भरा रहने वाला है। राहु के दशम भाव में होने से कार्यक्षेत्र में आपको उन्नति मिलेगी। इस राशि के व्यवसाई जातकों के लिए यह समय उत्तम रहेगा। महीने के दूसरे भाग में विदेश व्यापार में सक्रिय लोगों को अनुकूल ग्रहों की स्थिति से भरपूर सहायता प्राप्त होगी। आपके प्रयासों के परिणाम स्वरुप छात्रों को अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। गुरु के सप्तम भाव में शुक्र के साथ होने से आपके प्रेम जीवन में खुशहाली आएगी।

पार्टनर के साथ आपके रिश्ते में प्यार और मजबूती बढ़ेगी। इस दौरान मानसिक और शारीरिक दूरियों में कमी देखी जाएगी। इसके अलावा आर्थिक स्थिति की बात करें तो यह स्थिर रहने वाली है और बुध की स्थिति में होने से आपको लाभ भी मिलेगा। स्वास्थ्य संबंधित कुछ परेशानियां अवश्य जीवन में बनी रहेंगी। ग्रहों का योग इस समय के दौरान गंभीर रोगों को दूर करने में सहायक साबित होगा। जीवन साथी के स्वास्थ्य में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

कन्या राशि: कन्या राशि के जातकों के लिए यह महीना विशिष्ट रहने वाला है। हालांकि सबसे ज्यादा परेशानी आपको इसी महीने में झेलनी पड़ सकती है। इस दौरान दशम भाव का स्वामी बुध अष्टम भाव में रहेगा जिससे करियर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। नौकरी पेशा लोगों को काम से जुड़े तनाव से जूझना पड़ सकता है। हालांकि इस राशि के व्यवसाई जातकों और विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में शामिल लोगों को लाभ होगा।

इस अवधि में पारिवारिक जीवन भी कठिन होने की प्रबल आशंका है क्योंकि इस दौरान शुक्र छठे भाव में स्थित होगा जिसके प्रभाव स्वरूप भाइयों के बीच झगड़ा हो सकता है। पंचम भाव में शनि के साथ मंगल की युति भी प्रेम संबंध और वैवाहिक समस्याओं में तनाव और परेशानी की वजह बनेगी। इस अवधि में आपकी आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। आपका धन्य यदि काफी समय से कहीं अटका हुआ था तो इस दौरान वह वापस मिल जाएगा। सरल शब्दों में कहें तो इस महीने की कन्या जातकों को वित्तीय परेशानियों और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि स्वास्थ्य के मामले में आपको कुछ राहत अवश्य प्राप्त होगी।

तुला राशि: अप्रैल 2022 का यह महीना आपके जीवन के कई क्षेत्र में सफलता लेकर आएगा। आपके दशम भाव में मंगल और शनि की पूर्ण दृष्टि से कार्यक्षेत्र में आप को प्रगति मिलेगी। इसके अलावा आप अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए नए तरीके खोजने का भी प्रयास इस दौरान कर सकते हैं। इस राशि के छात्र जातकों को शुक्र और मंगल के साथ बृहस्पति के पंचम भाव में होने से शिक्षा के संदर्भ में मदद प्राप्त होगी।

इसके अलावा प्रेम जीवन अच्छा रहेगा और कुछ जातक विवाह के बंधन में भी बन सकते हैं। शनि के पंचम भाव में गोचर और सूर्य के सप्तम भाव में गोचर के फल स्वरुप इस दौरान आप आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति में नजर आएंगे। सरकारी नौकरी करने वालों को इस दौरान लाभ मिलेगा और आपको पदोन्नति भी मिल सकती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह महीना आपके लिए शुभ रहने वाला है। इस दौरान छठे भाव में सूर्य की स्थिति आपके स्वास्थ्य में सुधार की वजह बनेगी। यदि आपको यौन रोगों की समस्या है इस दौरान आपको उनसे छुटकारा भी मिल सकता है।

वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए अप्रैल 2022 का महीना कई क्षेत्रों में सफलता लेकर आने वाला है। आपको इस चरण में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे क्योंकि इस दौरान सूर्य आपके पंचम भाव में स्थित होगा। रोजगार में मंगल और बृहस्पति की संपूर्ण दृष्टि के चलते पदोन्नति मिलने की प्रबल संभावना बन रही है। इस राशि के छात्र जातकों को भी इस दौरान लाभ मिलेगा। पंचम भाव का स्वामी बृहस्पति चतुर्थ भाव में स्थित है जिससे इस दौरान इस राशि के छात्रों के लिए यह समय शानदार रहने वाला है।

वहीं दूसरी तरफ आपकी आर्थिक स्थिति भी स्थिर रहेगी। बृहस्पति, शुक्र और मंगल सभी चतुर्थ भाव में हैं जिससे आप अधिक धन कमाने में कामयाब रहेंगे। इस राशि के कुछ जातकों को अज्ञात स्रोतों से धन प्राप्त करने के मौके भी प्राप्त हो सकते हैं। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं दूर होंगी। चतुर्थ भाव में मंगल शुक्र और बृहस्पति की युति बाधाओं को दूर करने में आपकी सहायता करेगी।

धनु राशि: धनु राशि के जातकों के लिए अप्रैल का महीना औसत रहेगा। इस दौरान जीवन के कुछ हिस्सों में आपको सफलता मिल सकती है वहीं कुछ मोर्चे आपके लिए परेशानी की वजह भी बन सकते हैं। दशम भाव का स्वामी बुध इस दौरान आपके पंचम भाव में स्थित होगा जो आपको कार्यों में सफलता दिलाएगा। इस समय कुछ जातकों को नौकरी के नए अवसर भी प्राप्त होंगे और सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। इस राशि के विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता पड़ेगी। हालांकि जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन्हें सफल होने की संभावना अधिक बन रही है।

धनु राशि के कुछ छात्र जातक विदेश जाकर पढ़ाई करने के विकल्प को भी चुन सकते हैं। आप और आपके परिवार के सदस्य पूरी तरह से सामंजस्य के साथ काम करेंगे। पंचम भाव में बुध की उपस्थिति आपके प्रेम जीवन के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और आप अपने साथी में विश्वास की भावना बनती देख सकेंगे। व्यापार में आपको ढेर सारा लाभ मिलेगा। इस राशि के जो लोग नौकरी पेशा हैं उन्हें धन कमाने के लिए नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। हालांकि सेहत को लेकर सावधान रहने की सलाह दी जाती है। अन्यथा कुछ दिक्कतें खड़ी हो सकती है।

मकर राशि: अप्रैल 2022 का महीना मकर राशि के जातकों के लिए उन्नति और सफलता लेकर आएगा। इस दौरान दशम भाव का स्वामी शुक्र, बृहस्पति के साथ दूसरे भाव में है। जिसके फलस्वरूप पेशेवर जीवन में सफलता प्राप्त करने में यह आपकी सहायता करेगा। परिवार में मान सम्मान मिलेगा। इस दौरान आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ अच्छे संबंध बनाकर खुद को भाग्यशाली महसूस करेंगे, साथ ही खुश नजर आएंगे।

दूसरे भाव में शुक्र की उपस्थिति आपको सच्चे प्रेम की प्रबल भावना प्रदान करेगी। पार्टनर के साथ आप क्वालिटी पल व्यतीत करेंगे। यह समय आपके लिए तनावपूर्ण भी हो सकता है। हालांकि आप अपने शब्दों से इसकी भरपाई करने में कामयाब होंगे। इस समय आपकी आर्थिक स्थिति स्थिर रहने वाली है। स्वास्थ्य की दृष्टि से परिस्थितियां काफी स्थिर रहेंगी लेकिन बुध की चतुर्थ भाव में केतु के साथ युति महीने के दूसरे भाग में आपके जीवन में छोटी मोटी परेशानी की वजह बन सकती है। ऐसे में सावधान रहें।

कुंभ राशि: अप्रैल 2022 में आर्थिक और करियर पक्ष के लिहाज से कुंभ राशि वाले जातकों के लिए यह महीना अनुकूल रहने वाला है। हालाँकि पारिवारिक जीवन में पहले से चल रहे विवादों की वजह से तनाव हो सकता है। हालांकि परिवार के सदस्यों के बीच आपसी समझ में बेहतरी देखने को मिलेगी। पारिवारिक समस्याओं में कुंभ राशि के जातकों का बोलबाला रहने वाला है। इस दौरान आपका रोमांटिक जीवन में शानदार रहेगा।

बुध तीसरे भाव में स्थित होगा जो किसी भी संदेह के समाधान में आपकी मदद करेगा। पार्टनर के साथ क्वॉलिटी टाइम बिताने के लिए यह शानदार मौका साबित हो सकता है। मुमकिन है कि कुछ जातक रोमांटिक रिश्ते बनाएंगे। आप की वित्तीय स्थिति स्थिर रहेगी और आपके पास आय का स्थित स्त्रोत  रहने वाला है। हालांकि स्वास्थ्य मोर्चे पर बात करें तो छोटी-छोटी बीमारियों से पीड़ित होने की आशंका है। लेकिन बड़ी कोई भी बीमारी इस दौरान आपके जीवन में नहीं आएगी।

मीन राशि: मीन राशि के जातकों के लिए अप्रैल 2022 का महीना मिश्रित परिणाम लेकर आएगा। पेशेवर जीवन के मामले में आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी में कुछ रुकावटें आ सकती हैं और इनसे आप तनावग्रस्त महसूस कर सकते हैं। हालाँकि वहीं छात्रों के लिए समय अनुकूल रहेगा। पंचम भाव में शनि की पूर्ण दृष्टि के चलते आपको अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। हालांकि परिणाम आपको शुभ मिलेंगे।

पंचम भाव में मंगल और शनि की पूर्ण दृष्टि के चलते प्रेम जीवन में समस्याएं आ सकती है। प्रेमियों के बीच मनमुटाव होने की आशंका है। आर्थिक दृष्टि से समय आपके लिए उपयुक्त रहेगा। सेहत के लिहाज से आपको राहत की सांस मिल सकती है। छठे भाव में मंगल और शुक्र की पूर्ण दृष्टि आप को रोगों से मुक्ति दिलाने में मददगार साबित होगी। शनि के बारहवें भाव में गोचर करने से आपको बड़े रोगों और बीमारियों से मुक्ति मिलेगी।

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