आर्द्रा नक्षत्र का फल

आर्द्रा नक्षत्र का चिह्न

वैदिक ज्योतिष के अनुसार आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी राहु ग्रह है। यह आँसू की तरह दिखायी देता है। इस नक्षत्र के रूद्रा (शिव का एक रूप) और लिंग स्री है। यदि आप आर्द्रा नक्षत्र से संबंध रखते हैं, तो उससे जुड़ी अनेक जानकारियाँ जैसे व्यक्तित्व, शिक्षा, आय तथा पारिवारिक जीवन आदि यहाँ प्राप्त कर सकते हैं।

आर्द्रा नक्षत्र के जातक का व्यक्तित्व

आपका जन्म आर्द्रा नक्षत्र में हुआ है जिसके फलस्वरूप आप कर्तव्यनिष्ठ, कठोर परिश्रमी और सौंपे गए काम को पूरी ज़िम्मेदारी से निभाने वाले हैं। आप जन्मजात जीनियस हैं, क्योंकि राहु–इस नक्षत्र का स्वामी–एक शोधकारक ग्रह है। आपमें विविध विषयों का ज्ञान पाने की एक भूख-सी है। आप हँसी-मज़ाक़ करने वाले हैं और सबसे बड़ी शालीनता से पेश आते हैं। क्योंकि हर विषय की कुछ-न-कुछ जानकारी आप रखते ही हैं, इसलिए किसी शोधकार्य से लेकर व्यवसाय तक सभी कामों में सफल हो सकते हैं। सामने वाले व्यक्ति के मन में क्या चल रहा है यह आप आसानी से भाँप लेते हैं, इसलिए आपका स्वभाव अन्तर्ज्ञान संपन्न है और आप एक अच्छे मनोविश्लेषक भी हैं। आपमें दुनियादारी को समझने की विशेषता है और आप अपने निरीक्षण या परीक्षण से प्राप्त अनुभवों को भी बांटने में संकोच नहीं करते हैं। हर चीज़ की गहराई से जाँच-पड़ताल करना आपकी आदत में शुमार है। बाहर से भले ही आप शांत और गंभीर जान पड़ें परंतु आपका मन और मस्तिष्क निरंतर सक्रिय रहने से भीतर एक बवंडर-सा चलता रहता है। क्रोध पर नियंत्रण रखना ही आपके लिए श्रेष्ठ है। परिस्थितियाँ निरंतर आपकी परीक्षा लेती रहती हैं और आप हमेशा बड़े धैर्य व विवेक से स्वयं को बिखरने व टूटने से बचाते रहते हैं। शायद इन्हीं सब कारणों से आप जीवन में इतने अनुभवी और परिपक्व हैं। जीवन में आने वाली समस्याओं का किसी से ज़िक्र नहीं करना भी आपकी एक ख़ूबी है। आपका व्यवहार कभी-कभी अबोध बालक सरीखा हो जाता है जो भविष्य की चिंता करना नहीं जानता। आप रहस्यवादी हैं जो समझदारी और विवेक का आश्रय लेकर समस्याओं को सुलझाते हैं। हर समस्या पर गंभीरता से चिंतन, मनन और विश्लेषण करके आप आख़िर में सफल हो ही जाते हैं। आप पराक्रमी व पुष्ट शरीर वाले हैं। आपमें एक ही समय में कई कार्यों को करने की क्षमता है। आध्यात्मिक जीवन जीने में भी आपकी रुचि है। आप क्यों और कैसे के नियमों पर काम करते हैं और कई अनसुलझे रहस्य सुलझाने में लगे रहते हैं। अपने रोज़गार को लेकर आप घर से दूर रहेंगे। दूसरे शब्दों में–आप नौकरी या व्यवसाय को लेकर विदेश जा सकते हैं। 32 वर्ष से लेकर 42 वर्ष का समय आपके लिए शुभ रहेगा।

शिक्षा और आय

आपकी शिक्षा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, ज्योतिष शास्त्र अथवा मनोविज्ञान से सम्बंधित हो सकती है। आप इलेक्ट्रोनिक इंजीनियरिंग व कंप्यूटर सम्बंधित काम, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के क्षेत्र, अंग्रेज़ी अनुवाद, फ़ोटोग्राफ़ी, भौतिकी व गणित का अध्यापन, अनुसंधान या शोधकार्य, दर्शन, लेखन, उपन्यास-लेखन, विष चिकित्सा, औषधि निर्माण, नेत्र व मस्तिष्क रोग निदान, यातायात, संचार विभाग, मनोचिकित्सा, गुप्तचर व रहस्य सुलझाना, फ़ास्ट फ़ूड व मादक पदार्थ आदि से जुड़े कार्य करके आजीविका कमा सकते हैं।

पारिवारिक जीवन

संभव है कि आपका विवाह ज़रा देर से हो। सुखी विवाहित जीवन हेतु किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से आपको हमेशा बचना चाहिए अन्यथा वैवाहिक जीवन में दिक़्क़तें आ सकती हैं। नौकरी या व्यवसाय को लेकर आप परिवार से दूर रह सकते हैं। आपका जीवनसाथी आपका पूरा ध्यान रखेगा; वह घर के काम-काज में दक्ष होगा।

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