जन्म कुंडली

जन्म लेने वाले प्राणी को ज्योतिषीय – भाषा में ‘जातक‘ कहते है ,
‘जन्म कुंडली’ को ही – ‘जन्मांक चक्र’ अथवा ‘लग्न कुंडली’ भी कहते है |

जन्मांक चक्र एक प्रकार से १२ खाने ( कोष्ठक ) से बना होता है , उसे द्वादश राशियों का प्रतीक माना जाता है ,

जातक के जन्म समय में चंद्रमा जिस राशि में भ्रमण कर रहा होता है , वही राशि जातक की जन्म राशि होती है |

कुंडली चक्र इस प्रकार होता है

कुंडली के १२ भाव के नाम इस प्रकार है –

पहला भाव लग्न , तनु
दुसरा भाव धन , परिवार
तीसरा भाव सहज , पराक्रम
चोथा भाव सुख , माता
पांचवा भाव सूत , विद्या
छटा भाव शत्रु , रोग
सातवा भाव जाया , जीवन साथी
आठवा भाव आयु , मृत्यु , रंध्र
नौवा भाव धर्मं , भाग्य
दसवा भाव कर्म , पिता ,
ग्यारहवा भाव लाभ , आय
बारहवा भाव ब्यय , हानि

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जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। 
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते।।
 
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