Category: ज्योतिष सीखे

ज्योतिष सीखें

“ज्योतिष सीखें” नामक इस पाठ्यक्रम में आप केवल 5  मिनट में ज्योतिष ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। ज्योतिष सीखें – पाठ्यक्रम में आपको लगभग 5  मिनट के लेख ब्लॉग के साथ ज्योतिष शास्त्र के बारे में बताया जाएगा। ज्योतिष सीखने के इस पाठ्यक्रम में आपको बहुत सहज और सरल भाषा में ज्योतिष ज्ञान को सिखाया जाएगा। आइये जानते हैं ज्योतिष विद्या सीखने के कुछ बेहद आसान तरीके…

सांसारिक जीवन में व्यक्ति स्वयं को लेकर इतना जिज्ञासु नहीं होता, जितना की वह अपने घर परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, दोस्तों एवं अन्य लोगों के बारे में सोचता है। वह सदैव दूसरों की आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से मोह-माया के चक्र में खुद को फँसा पाता है। परंतु जब व्यक्ति आध्यात्मिक ज्ञान की ओर बढ़ता है तो वह स्वयं के अस्तित्व का कारण खोजता है। वह जानना चाहता है कि उसके जन्म का वास्तविक उद्देश्य क्या है?

वैदिक शास्त्रों के अनुसार, ज्योतिष विद्या के माध्यम से ही यह ज्ञात होता है कि व्यक्ति के इस संसार में आने के मायने क्या हैं। किस कार्य के लिए उसका जन्म हुआ है। ज्योतिष विज्ञान के द्वारा व्यक्ति को उसके सवालों का जवाब मिलता है। इसलिए इस पाठ्यक्रम से हमारा उद्देश्य अपने पाठकों को ज्योतिष ज्ञान से अवगत कराना है और यह संभव तभी हो पाएगा, जब आप हमारा ज्योतिष सीखें कोर्स को गंभीरता से लेंगे।

होरा – द्रेष्काण – द्वादशांश के स्वामी ( लघुजातक )

स्वगृहाद् द्वादाशभागाः द्रेष्काणाः प्रथमपञ्चनवपानाम् | होरे विषमेऽर्केन्द्रोः समराशौ चन्द्रतीक्ष्णांशोः || ९ ||     मेषादि राशियों में तद् – तद्  राशि…

मेषादि राशियों एवं नवांशो के स्वामी ( लघुजातक )

meshaadi raashiyon evan navaansho ke svaamee ( laghujaatak )   कुजशुक्रज्ञेन्द्वर्कज्ञशुक्रकुजजीवसौरियमगुरुवः  |  भेषानवांशकानामजमकरतुलाकुलीराद्याः || ८ ||   मंगल , शुक्र…

राशियों की पुरुष – स्त्री संज्ञा , दिशा ज्ञान ( लघुजातक )

पुंस्त्री – क्रूराऽक्रूरौ चर-स्थिर-द्वि स्वभाव संज्ञाश्च | अजवृषमिथुनकुलीराः पञ्चम नवमैः सहैन्द्रयाद्याः || ७ || मेष आदि १२ राशि क्रम से…

काल पुरुष के अंग विभाग ( लघुजातक ) kaal purush ke anag

Kaal purush ke anag vibhag   शीर्षमुखबाहुहृदयोदराणि कटीबस्तिगुह्यसंज्ञानि । ऊरू जानू जङ्घे चरणाविति राशयोऽजाद्याः ।। ४ ।। कालनरस्या वयवान् पुरुषाणां…

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जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। 
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते।।
 
ॐ एस्ट्रो के सभी पाठको को
शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी
की हार्दिक शुभकामनाये ||

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