वृषभ राशि में चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. चंद्र ग्रहण की स्थिति को ज्योतिष शास्त्र में शुभ नहीं माना गया है. पौराणिक कथाओं के अनुसार चंद्र ग्रहण की स्थिति तब बनती है जब पाप ग्रह राहु या केतु चंद्रमा को जकड़ लेते हैं. माना जाता है कि जब राहु या केतु के संपर्क में चंद्रमा आता है तो ग्रहण योग बनता है. ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण को अशुभ योगों में शामिल किया गया है. चंद्र ग्रहण कब लग रहा है, आइए जानते हैं.

19 नवंबर को साल 2021 का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। जो उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। ये ग्रहण भारत समेत अमेरिका, उत्तरी यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी एशिया और प्रशांत महासागर के कुछ क्षेत्रों में दिखाई देगा। पंचांग के अनुसार ये चंद्र ग्रहण कार्तिक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन लगने जा रहा है। धार्मिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यताओं अनुसार ग्रहण के दौरान किसी भी तरह के शुभ काम नहीं किये जाते। जानिए 19 नवंबर को लगने वाला ग्रहण किन राशि के लोगों पर डालेगा अपना विशेष प्रभाव।

चंद्र ग्रहण की डिटेल: 19 नवंबर 2021 का ग्रहण वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र में लगेगा। वृषभ राशि के स्वामी ग्रह शुक्र है जबकि कृतिका नक्षत्र सूर्य देव का है। इसलिए इस ग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव सूर्य ग्रह और शुक्र ग्रह से संबंधित लोगों पर ही पड़ेगा। ग्रहण के दौरान सूर्य देव वृश्चिक राशि में रहेंगे और शुक्र धनु राशि में रहेंगे। ये उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। क्योंकि ज्योतिष अनुसार उसी ग्रहण का सूतक काल मान्य होता है जो चंद्र ग्रहण खुली आंखों से दृष्टिगोचर हो सके। उपच्छाया चंद्र ग्रहण सामान्य तौर पर नहीं देखे जा सकते इसलिए इनका सूतक नहीं माना जाता।

इन राशियों पर ग्रहण का पड़ेगा शुभ प्रभाव: जब भी कोई खगोलीय घटना होती है तो वह किसी के लिए अशुभ तो किसी के लिए शुभ साबित होती है। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण तुला राशि, कुंभ राशि और मीन राशि वालों के लिए शुभ साबित होगा। इन राशि के लोगों को कार्यों में सफलता हासिल होगी। करियर में तरक्की मिलने के संकेत है। इस दौरान नए अवसर प्राप्त होंगे। यदि नौकरी बदलता चाहते हैं तो अच्छे ऑफर प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार करने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।





चंद्र ग्रहण कब लग रहा है?
2021 इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 19 नवंबर 2021, शुक्रवार को लगने जा रहा है. पंचांग के अनुसार इस दिन पूर्णिमा की तिथि और कृत्तिका नक्षत्र रहेगा. शुक्रवार को परिघ योग निर्माण हो रहा है और इस दिन राहु काल प्रात: 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 06 मिनट तक रहेगा.



कृत्तिका नक्षत्र
चंद्र ग्रहण के दौरान कृत्तिका नक्षत्र रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस नक्षत्र की स्वामी सूर्य और राशि स्वामी शुक्र ग्रह को बताया गया है. कृत्तिका को आकाश मंडल का तीसरा नक्षत्र है. इस नक्षत्र को आंखों से देखा जा सकता है. कृत्तिका नक्षत्र 6 तारों का एक समूह है. इस नक्षत्र का रंग सफेद और वृक्ष गूलर है.



खंडग्रास चंद्र ग्रहण
19 नवंबर 2021 को लगने वाला चंद्र ग्रहण पूर्ण नहीं है. इसे खंडग्रास माना जा रहा है. खंडग्रास चंद्र ग्रहण की स्थिति जब बनती है तो सूतक नियमों का पालन नहीं किया जाता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. चंद्रमा, सूर्य और शुक्र से प्रभावित राशियों को भी ध्यान देना होगा.



वृषभ राशि – चंद्र ग्रहण वृषभ राशि में लग रहा है. इसलिए इस राशि के लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी. क्योंकि सबसे अधिक प्रभाव वृष राशि पर ही देखने को मिल रहा है. वृष राशि वालों को धन और सेहत के मामले में विशेष ध्यान देना होगा.



सिंह – तनाव की स्थिति से बचना होगा. अपने अधिकारों को दुरुपयोग न करें, नुकसान उठाना पड़ सकता है. धन के व्यय पर ध्यान दें. सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें.



तुला – धन से जुड़े कार्यों में अच्छे परिणाम प्राप्त करने में दिक्कत महसूस कर सकते हैं. दांपत्य जीवन में भी तनाव की स्थिति बन सकती है. वाणी दोष न होने दें.



कुंभ – संबंधों के मामले में सचेत रहना होगा. बड़ी पूंजी निवेश सोच समझ कर करें. प्रतिद्वंदी सक्रिय रहेंगे. धन के मामले में धोखा भी मिल सकता है. सकारात्मक रहें और धैर्य के साथ परिश्रम करते रहें.



मीन – सेहत का ध्यान रखना होगा. यदि पहले से कोई रोग है तो सावधान रहें. खानपान और स्वच्छता के नियमों को पालन करें. अनावश्यक चीजों पर धन का व्यय मानसिक तनाव का कारण भी बन सकता है.

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