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Diwali 2022 Surya Grahan Effect: हिंदू धर्म में दिवाली सबसे प्रमुख त्योहार में से एक है। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और गणेश जी की विशेष पूजा-आराधना की जाती है। लेकिन इस बार दिवाली पर सूर्य ग्रहण का साया भी पड़ रहा है। सूर्य ग्रहण दिवाली के अगले ही दिन यानी 25 अक्तूबर 2022 को लगने जा रहा है। यह आंशिक ग्रहण होगा जिसे देश के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। दिवाली के अगले दिन ग्रहण होने से इस बार महापर्व के दौरान सूर्यग्रहण का साया रहेगा। दिवाली के अगले दिन ग्रहण होने से गोवर्धन पूजा दिवाली के तीसरे दिन मनाई जाएगी। यह स्थिति 27 वर्ष  पूर्व भी हुई थी। अब 27 वर्ष बाद ग्रहण के कारण दिवाली के तीसरे दिन गोवर्धन पूजा होगी। ग्रहण हमेशा अमावस्या की तिथि को पड़ता है और  दिवाली भी अमावस्या तिथि को ही मनाई जाती है। वहीं ग्रहण शुरू होने से पहले सूतक काल भी शुरू हो जाता है ऐसे में दिवाली की रात से ही सूतक काल शुरू हो रहा है। आइए जानते हैं दिवाली पूजा और लक्ष्मी पूजन पर सूर्य ग्रहण का क्या प्रभाव पड़ेगा और कितने बजे से सूतक काल शुरू होगा। 

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Diwali 2022: दिवाली पर सूर्य ग्रहण का साया, लक्ष्मी पूजा पर क्या होगा असर? इतने बजे से लगेगा सूतक

 

 

Diwali 2022 Surya Grahan Effect: हिंदू धर्म में दिवाली सबसे प्रमुख त्योहार में से एक है। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और गणेश जी की विशेष पूजा-आराधना की जाती है। लेकिन इस बार दिवाली पर सूर्य ग्रहण का साया भी पड़ रहा है। सूर्य ग्रहण दिवाली के अगले ही दिन यानी 25 अक्तूबर 2022 को लगने जा रहा है। यह आंशिक ग्रहण होगा जिसे देश के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। दिवाली के अगले दिन ग्रहण होने से इस बार महापर्व के दौरान सूर्यग्रहण का साया रहेगा। दिवाली के अगले दिन ग्रहण होने से गोवर्धन पूजा दिवाली के तीसरे दिन मनाई जाएगी। यह स्थिति 27 वर्ष  पूर्व भी हुई थी। अब 27 वर्ष बाद ग्रहण के कारण दिवाली के तीसरे दिन गोवर्धन पूजा होगी। ग्रहण हमेशा अमावस्या की तिथि को पड़ता है और  दिवाली भी अमावस्या तिथि को ही मनाई जाती है। वहीं ग्रहण शुरू होने से पहले सूतक काल भी शुरू हो जाता है ऐसे में दिवाली की रात से ही सूतक काल शुरू हो रहा है। आइए जानते हैं दिवाली पूजा और लक्ष्मी पूजन पर सूर्य ग्रहण का क्या प्रभाव पड़ेगा और कितने बजे से सूतक काल शुरू होगा। 
 
सूर्य ग्रहण के कारण लक्ष्मी पूजा पर असर
रोशनी का पर्व दीपावली 24 अक्तूबर 2022 को है। दिवाली के अगले ही दिन यानि 25 अक्टूबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लग रहा है। ऐसे में दिवाली की रात से ही सूतक लगेगा। हालांकि ज्योतिषविदों के अनुसार सूर्य ग्रहण के कारण लक्ष्मी पूजन पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही  8 नवंबर 2022 को देव दिवाली के दिन साल के अंतिम चंद्र ग्रहण का प्रभाव भी देखने को मिलेगा। 
 
 
सूतक काल का समय

 

सूतक काल का समय
सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पूर्व आरंभ हो जाता है। इस हिसाब से 24 अक्तूबर की मध्यरात्रि से ही सूतककाल आरंभ हो जाएगा। सूतक काल का समय दिवाली की रात यानी 24 अक्तूबर की रात को 02:30 बजे से शुरू हो होगा जो अगले दिन 25 अक्तूबर की सुबह 04: 22 बजे समाप्त होगा। 
27 साल बाद दिवाली पर सूर्य ग्रहण

 

27 साल बाद दिवाली पर सूर्य ग्रहण
ज्योतिषशास्त्रियों के अनुसार दीपावली पर 27 साल बाद सूर्य ग्रहण का साया पड़ रहा है। इससे पूर्व 1995 में दीपवाली के दिन सूर्य ग्रहण पड़ा था। 
 
भारत में होगा आंशिक सूर्य ग्रहण
दिवाली के अगले दिन लगने जा रहा सूर्य ग्रहण भारत में आंशिक रूप से देखने को मिलेगा।  सूर्य ग्रहण काअ आरंभ 25 अक्तूबर को दोपहर 02: 29 मिनट से शुरू होगा और सायं 06: 32 मिनट पर समाप्त होगा। सूर्य ग्रहण की अवधि करीब 4 घंटे 3 मिनट की होगी। 
 
 

Diwali 2022: इस बार दिवाली महापर्व पर रहेगा ग्रहण का साया! 27 वर्ष बाद दीपावली के तीसरे दिन होगी गोवर्धन पूजा

 

दिवाली के अगले दिन ग्रहण होने से इस बार महापर्व के दौरान सूर्यग्रहण का साया रहेगा। दिवाली के अगले दिन ग्रहण होने से गोवर्धन पूजा दिवाली के तीसरे दिन मनाई जाएगी। 27 वर्षों बाद ग्रहण के कारण दिवाली के तीसरे दिन गोवर्धन पूजा होगी।
 

surya grahan 2022: ग्रहण के लगने से पहले ही सूतककाल प्रभावी हो जाता है। सूतककाल कई तरह के कार्य वर्जित हो जाते हैं।

 
surya grahan 2022: ग्रहण के लगने से पहले ही सूतककाल प्रभावी हो जाता है। सूतककाल कई तरह के कार्य वर्जित हो जाते हैं। –  

विस्तार

Diwali 2022 And Surya Grahan: प्रकाश और सुख-समृद्धि का महापर्व दीपावली इस बार 24 अक्तूबर 2022 को है। हिंदू धर्म में दिवाली सबसे प्रमुख त्योहार में से एक है। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और गणेश जी की विशेष पूजा-आराधना की जाती है। इस बार दिवाली महापर्व के पांच दिनों के दौरान साल का आखिरी सूर्य ग्रह भी लगेगा। यह ग्रहण 25 अक्टूबर को होगा। यह आंशिक ग्रहण होगा जिसे देश के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। दिवाली के अगले दिन ग्रहण होने से इस बार महापर्व के दौरान सूर्यग्रहण का साया रहेगा। दिवाली के अगले दिन ग्रहण होने से गोवर्धन पूजा दिवाली के तीसरे दिन मनाई जाएगी। 27 वर्षों बाद ग्रहण के कारण दिवाली के तीसरे दिन गोवर्धन पूजा होगी।

 

 
धार्मिक नजरिए से ग्रहण को अशुभ माना गया है और ग्रहण में किसी भी तरह का शुभ काम और पूजा-पाठ वर्जित हो जाता है। इस कारण से गोवर्धन पूजा एक के लिए टल गया है।  यह साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण होगा इससे पहले 30 अप्रैल 2022 को सूर्य ग्रहण लगा था। यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई दिया था। 27 वर्षों बाद ग्रहण के कारण दिवाली के तीसरे दिन गोवर्धन पूजा होगी।खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार यह सूर्य ग्रहण देश उत्तरी और पश्चिमी भागों में दिखाई देगा। वहां अगर भारत के अलावा दूसरे देशों की बात करें तो यह सूर्य ग्रहण यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और पश्चिम-पूर्व एशिया में देखा जा सकेगा।

 

25 अक्तूबर को भारत में कब और कहां-कहां दिखेगा सूर्यग्रहण
दिवाली के अगले दिन बाद अमावस्या तिथि पर लगने वाला सूर्य ग्रहण शाम साढ़े 4 बजे चरम पर रहेगा। इस समय देश में दिखाई देना शुरू हो जाएगा। यह ग्रहण दिल्ली,गुजरात, राजस्थान,पंजाब, उत्तराखंड, लेह, जम्मू-श्रीनगर में अच्छे से देखा जा सकेगा।

कब लगता है सूर्यग्रहण
धार्मिक और खगोलीय नजरिए से ग्रहण का बहुत ही खास महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि पर लगने वाला सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी तीनों लगभग एक ही सीध में आ जाते हैं। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस बार दिवाली के अगले दिन यानी 25 अक्तूबर को सूर्य,चंद्रमा और पृथ्वी तीनों एक लाइन में होंगे। ऐसे में चंद्रमा कुछ देर के लिए सूर्य को आंशिक रूप से ढक लेता है। देश में 25 अक्तूबर को शाम करीब 4 बजकर 30 मिनट पर सूर्य ग्रहण दिखाई देने लगेगा।

 

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दिवाली महापर्व और सूर्य ग्रहण
पंच महापर्व दिवाली 22 अक्तूबर को धनतेरस के साथ शुरू हो जाएगी। फिर 23 अक्तूबर को रूप चौदस मनाई जाएगी और 24 अक्तूबर को दिवाली मनाई जाएगी। 25 अक्तूबर को आंशिक सूर्यग्रहण लगेगा इस कारण से इस दिन कोई त्योहार नहीं मनाया जाएगा। इसके बाद 26 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा और 27 अक्तूबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा।

25 अक्तूबर को सूतक काल रहेगा प्रभावी
धार्मिक नजरिए से जब सूर्य ग्रहण लगता है तो सूतक काल प्रभावी हो जाता है और यह सू्तक काल सूर्य ग्रहण लगने के 12 घंटे पहले से शुरू होता है। 26 अक्तूबर को सूर्यग्रहण भारत में शाम साढ़े 4 बजे से लगना प्रारंभ हो जाएगा ऐसे में सूतककाल 12 घंटे पहले ही लग जाएगा। इस कारण से गोवर्धन पूजा 25 की जगह 26 अक्तूबर को मनाया जाएगा। सूतक काल में कोई भी शुभ काम और पूजा -पाठ नहीं किया जाता है। इस दिन पर सभी मंदिरों के पट बंद कर दिया जाता है। ग्रहण की समाप्ति पर पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव किया जाता है।

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