पं. घनश्याम दाधीच
9165750374

मां बगलामुखी देवी मंदिर नलखेड़ा जिला आगर मालवा मध्य प्रदेश

!! गुप्त नवरात्रि प्रारंभ !!
02 फरवरी 2022 से 10 फरवरी 2022 तक है
माँ बगलामुखी तंत्र पूजा

विशेष ,गुप्त नवरात्रि में
माँ बगलामुखी जो की दस महाविद्या मे अष्टम महाविद्या कहलाती है इने पिताम्बरा भी कहा जाता है ! ये तन्त्र की देवी मानी जाती है

Magh Gupt Navratri: नवरात्रि यानि नौ दिन मां दुर्गा की पूजा और अराधना के दिन. नवरात्रि के दिन मां दुर्गा को समर्पित हैं. साल में 4 बार नवरात्रि मनाए जाते हैं.

नवरात्रि यानि नौ दिन मां दुर्गा की पूजा (Maa Durga Puja) और अराधना के दिन होते हैं. नवरात्रि (Navratri 2022) के दिन मां दुर्गा को समर्पित हैं. साल में 4 बार नवरात्रि मनाए जाते हैं. दो बार गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri ) और एक चैत्र एक शारदीय नवरात्रि. साल में दो बार आने वाले नवरात्रि में से एक माघ माह (Magh Month) में आने वाले गुप्त नवरात्रि हैं. इस बार माघ माह के गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 2 फरवरी से हो रही है. गुप्त नवरात्रि पर दो विशेष योग बन रहे हैं.


ज्योतिषियों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि पर इस बार रवियोग और सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है. मान्यता है कि इस योग में पूजा करने से कई गुना ज्यादा फल मिलता है. मां दुर्गा प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. आइए जानते हैं गुप्त नवरात्रि के महत्व, तिथि और पूजा विधि के बारे में.

गुप्‍त नवरात्र‍ि पर बन रहा है रवि योग और सर्वार्थसिद्धि योग
गुप्त नवरात्रि में तंत्र-मंत्र और सिद्धि प्राप्त करने का विषेश महत्व


गुप्‍त नवरात्र‍ि की शुरुआत 2 फरवरी 2022 दिन बुधवार से हो रहा है. इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्‍वरूप मां शैल पुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री की पूजा होगी है. इसके साथ ही गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्या देवियां तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुनेश्‍वरी, छिन्‍नमस्ता, काली, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी की भी गुप्त तरीके से पूजा-उपासना की जाती है. गुप्त नवरात्रि पर इस बार रवियोग व सर्वार्थसिद्धि योग बन रहे हैं, जिससे मां दुर्गा की पूजा-उपासना का कई गुना अधिक फल प्राप्त होगा. आइये जानते हैं गुप्‍त नवरात्र‍ि का महत्‍व और पूजा विध‍ि…

गुप्त नवरात्रि का महत्व
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है. वहीं गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की गुप्त तरीके से पूजा करने का विधान है. गुप्त नवरात्रि में विशेष तरह की इच्छापूर्ति और सिद्धि प्राप्त करने के लिए पूजा और अनुष्ठान किया जाता है. गुप्त नवरात्रि में तंत्र-मंत्र और सिद्धि प्राप्त करने का विषेश महत्व माना गया है. गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक, साधक या अघोरी तंत्र-मंत्र और सिद्धि प्राप्त करने के लिए मां दुर्गा की साधना करते हैं. गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा अराधना कर सकता है. मां की पूजा करने से आपके जीवन के सभी संकटों का नाश होता है.

गुप्त नवरात्रि पूजा विध‍ि (Gupt Navratri Puja Vidhi)
गुप्त नवरात्रि के दौरान घट स्थापना उसी तरह की जाती है जिस तरह से चैत्र और शारदीय नवरात्रि में होती है. सुबह-शाम की पूजा में मां को लौंग और बताशे का भोग लगाना आवश्यक होता है. इसके बाद मां को शृंगार का सामान जरूर अर्पित करें. सुबह और शाम दोनों समय पर दुर्गा सप्तशती का पाठ जरूर करें. ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः‘ मंत्र का जाप करें. इससे आपके जीवन की सारी समस्याएं दूर हो सकती हैं.

इन बातों का रखें ध्यान
गुप्त नवरात्रि के दौरान पूजा करते समय विशेष बातों का ध्यान रखा चाहिए. सुबह और शाम नियमित रूप से मां दुर्गा की पूजा करें और किसी को बिना बताए गुप्त रूप से मां की पूजा की जानी चाहिए. गुप्त नवरात्रों में गुप्त रूप से मां दुर्गा और उनके रूपों की पूजा की जाती है.

माघ गुप्त नवरात्रि घट स्थापना मुहूर्त (Ghat Sthapana Muhurat)
2 फरवरी 2022 दिन बुधवार
घट स्थापना शुभ मुहूर्त- सुबह 7 बजकर 10 मिनट से सुबह 8 बजकर 02 मिनट तक




भगवती के यहा होने वाले कार्य

वशीकरण
प्रेत‌ बाधा
लक्ष्मी प्राप्ति
विवाह में विलम्ब
न्यायालय में विजय
राजनीति में राजयोग
विद्या क्षेत्र
शत्रु बाधा
उच्चाटन
विद्वेषण
नोकरी में बाधा
नोकरी न लगना
काम का होते होते रुक जाना
बने बनाए काम बिगड़ जाना

गृह बाधा

फैक्ट्री का नहीं चलना

आदि
कार्यो मे माँ बगला मुखी विजय का आशीर्वाद प्रदान करती है

पं. घनश्याम दाधीच
9165750374

मां बगलामुखी देवी मंदिर नलखेड़ा जिला आगर मालवा मध्य प्रदेश

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जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। 
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते।।
 
ॐ एस्ट्रो के सभी पाठको को
शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी
की हार्दिक शुभकामनाये ||

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