कर्मकांड विशेषज्ञ पंडित सचिन शर्मा

 

 

वैदिक ज्योतिष में जिस प्रकार ग्रहों का गोचर और मार्गी होना महत्व रखता है, उसी प्रकार ग्रहों का उदय या अस्त होना भी हर जातकों के जीवन में किसी न किसी रूप से प्रभाव डालता है। बृहस्पति की बात करें तो बृहस्पति शुभ ग्रह है और इन्हें ‘गुरु’ की उपाधि दी गई है। ये व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, शिक्षक, संतान, बड़े भाई, शिक्षा, धार्मिक कार्य, पवित्र स्थल, धन, दान- पुण्य और वृद्धि के कारक होते हैं।

 

इस साल माघ महीने की पूर्णिमा 16 फरवरी को मनाई जाएगी।  कर्मकांड विशेषज्ञ पंडित सचिन शर्मा  के अनुसार इस बार माघ पूर्णिमा पर खास संयोग बन रहे हैं। जो आपको मां लक्ष्मी की प्राप्ति करा सकता है।

 

“16 फरवरी माघ पूर्णिमा को बन रहा है खास संयोग, मुहूर्त महत्व – 

 

 

अब यही गुरुदेव 19 फरवरी 2022, शनिवार की सुबह 11 बजकर 13 मिनट पर कुंभ राशि में अस्त होंगे और वो लगभग 30 दिनों तक इसी स्थिति में रहेंगे। फिर 20 मार्च 2022, रविवार की सुबह 9 बजकर 35 मिनट पर अपनी सामान्य अवस्था में पुनः वापस आ जाएगा।

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6 राशियों के लिए बेहद शुभ रहेंगे अगले 30 दिन

ऐसे में गुरु बृहस्पति का अस्त होना यूँ तो सभी राशियों को शुभ-अशुभ फल देगा। परंतु एस्ट्रोसेज के ज्योतिषाचार्यों की माने तो गुरु का शनि देव की राशि कुंभ में अस्त होना सबसे अधिक 6 राशियों के जीवन में अपार सफलता लाने वाला है। तो चलिए अब विस्तार से जानते हैं कि आखिर कौन सी हैं वो 6 राशियां जिनके लिए गुरु बृहस्पति का अस्त होना भाग्य में वृद्धि लाएगा-

मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु बृहस्पति उनके एकादश भाव में अस्त होंगे। इसके परिणामस्वरूप गुरु का यूँ अस्त होना आपके लिए बहुत अधिक शुभ रहेगा। इस अवधि में आप अपने करियर में सुनहरे अवसर प्राप्त करेंगे। वो जातक जो नौकरी की तलाश में है, उन्हें भाग्य का साथ मिलेगा। वहीं व्यापार में भी उन्हें अपार धन लाभ होने की संभावना रहेगी। प्रेम संबंधों में आप आपस की हर समस्याओं को दूर करते हुए, अपने रिश्ते को मजबूत बना सकेंगे।

मिथुन राशि:

मिथुन राशि के जातकों के लिए गुरु बृहस्पति उनके नवम भाव में अस्त होंगे। ऐसे में बृहस्पति का आपके इस भाव में अस्त होना मिथुन जातकों के लिए भी खासा लाभकारी सिद्ध होगा। सबसे अधिक आप इस अवधि में अपने निजी जीवन में सभी विपरीत परिस्थितियों को दूर करते हुए घर-परिवार व अपने पार्टनर के साथ समय व्यतीत करते दिखाई देंगे। कार्यक्षेत्र पर भी व्यापारी जातकों को अच्छा लाभ मिल सकेगा। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और उन्हें अपने किसी कर्ज से हमेशा-हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी। यदि आप अविवाहित हैं तो आपको गुरु बृहस्पति की कृपा से विवाह का कोई अच्छा प्रस्ताव भी मिल सकता है।

सिंह राशि:

सिंह राशि में बृहस्पति देव का अस्त सप्तम भाव में होगा। ऐसे में सप्तम भाव में गुरु का अस्त होना आपके लिए अनुकूल फल मिलने के योग बना रहा है। खासतौर से इस अवधि में आप करियर में अच्छे अवसर प्राप्त करेंगे। यदि आप नौकरी की तलाश में थे तो ये समय आपको अपने किसी मित्र या परिजन की मदद से कोई अच्छी नौकरी का अवसर देने वाला है। इस दौरान आपकी किस्मत में भी इजाफा होगा और इसके फलस्वरूप व्यापारी जातक सबसे अधिक आर्थिक सफलता अर्जित करने में सक्षम होंगे। वर्तमान नौकरी में भी आपको अपने वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से कार्यस्थल पर प्रमोशन व वेतन वृद्धि के योग बन सकते हैं। शादीशुदा जातक इस शुभ समय का लाभ उठाते हुए अपने पार्टनर के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे।

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तुला राशि:

बृहस्पति आपके पंचम भाव में अस्त होने जा रहे हैं। ऐसे में ये 30 दिनों की अवधि आपको सबसे अधिक कार्यक्षेत्र में अपार सफलता देगी। इससे आपका करियर रफ़्तार के साथ आगे की ओर बढ़ता दिखाई देगा। व्यापारी जातकों को भी अच्छे फल मिलेंगे। परंतु यदि आप पार्टनरशिप के व्यापार से जुड़े हैं तो गुरु देव की कृपा से आपके व्यापार का विस्तार संभव है। इससे आप एक से अधिक माध्यमों से धन अर्जित करते हुए मुनाफा कमा सकेंगे। नौकरी पेशा जातकों की भी आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी। नौकरी बदलने के इच्छुक जातकों के लिए भी समय शुभ हैं।

धनु राशि:

इस राशि के स्वामी ग्रह गुरु बृहस्पति ही होते हैं और अब वे आपके तृतीय भाव में अस्त होंगे। ऐसे में गुरु की ये अवधि धनु जातकों के जीवन में भाग्य वृद्धि ये योग बनाएगी। इस समय कार्यक्षेत्र पर आपको जिन भी कार्यों को पूरा करने में परेशानी आ रही थी, वो हर समस्या दूर होगी और आप करियर में सफलता अर्जित करेंगे। कुछ जातकों को कार्य से जुड़ी किसी यात्रा पर भी जाना पड़ सकता है। नया व्यापार शुरू करने का सोच रहे जातकों के लिए भी अवधि अनुकूल है। धन पक्ष में परिस्थितियां आपके हक़ में होंगी और आप अलग-अलग माध्यमों से आमदनी में बढ़ोतरी कर सकेंगे।

मीन राशि:

मीन राशि भी गुरु बृहस्पति की ही राशि होती है और अब वे आपके द्वादश भाव में अस्त होते हुए जातकों को लाभकारी फल देने वाले हैं। कार्यक्षेत्र पर आपके सहकर्मी व अधिकारी आपका सहयोग करेंगे और इसके चलते आप हर कार्य को रफ़्तार से पूरा करते दिखाई देंगे। घरवालों व मित्रों का सहयोग भी आपको जीवन में कुछ नया काम शुरू करने के लिए प्रेरित करेगा। ये वो अवधि होगी जब आप अपनी पूर्व की मेहनत का अच्छा फल प्राप्त करते हुए अपने करियर में बेहतर प्रदर्शन देंगे। प्रेम संबंधों में भी पार्टनर के साथ हर गलतफहमी दूर होगी और आपका रिश्ता परवान चढ़ेगा।

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कुंभ राशि वाले हो जाएं सावधान, तुरंत करें ये उपाय

हालांकि कुंभ राशि में गुरु का अस्त होना कुंभ जातकों को कुछ अशुभ परिणाम देने की आशंका भी दर्शा रहा है। ऐसे में विशेषज्ञों अनुसार उन्हें इस अस्त के दौरान 30 दिनों तक सावधान रहते हुए, गुरु के नकारात्मक प्रभावों से बचने हेतु कुछ संबंधित उपाय करने की सलाह दी जाती है। जैसे:-

  1. गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करें।
  2. ज्यादा से ज्यादा पीली वस्तुओं का दान करें।
  3. हर गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा कर, चने की दाल अर्पित करें।
  4. संभव हो तो गुरुवार के दिन विधि-विधान अनुसार व्रत का पालन करें।

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