पुंस्त्री – क्रूराऽक्रूरौ चर-स्थिर-द्वि स्वभाव संज्ञाश्च |

अजवृषमिथुनकुलीराः पञ्चम नवमैः सहैन्द्रयाद्याः || ७ ||

मेष आदि १२ राशि क्रम से पुरुष , स्त्री | क्रूर , सौम्य | चर , स्थिर , द्विस्वभाव है | तथा मेष , वृष , मिथुन , कर्क ये अपने – अपने पंचम , नवम राशि , सहित क्रम से पूर्व आद्दी दिशाओ के स्वामी है |

पूर्व दिशा – मेष ,सिंह , धनु

दक्षिण दिशा – वृषभ , कन्या , मकर

पश्चिम दिशा – मिथुन , तुला , कुंभ

उत्तर दिशा – कर्क , वृश्चिक , मीन

|| लघुजातक ||

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जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। 
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते।।
 
ॐ एस्ट्रो के सभी पाठको को शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाये ||

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