शनिवार, 4 दिसंबर को मंगल ग्रह अपनी ही राशि वृश्चिक में आ गया है। इस राशि में सूर्य, बुध और केतु पहले से ही मौजूद थे। अब मंगल के आने से चतुर्ग्रही योग बन गया लेकिन 10 दिसंबर को बुध के वृश्चिक राशि से निकल जाने पर ये योग भंग हो जाएगा और इसके बाद 16 तारीख को सूर्य के धनु राशि में जाने से 16 जनवरी 2022 तक मंगल और केतु का अंगारक योग बना रहेगा।

सूर्य जब 16 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश करेंगे, तो महिलाओं और व्यापार जगत के लिए आर्थिक लाभ के मौके मिलेंगे। किसानों की हालत और शेयर मार्केट में सुधार होगा। हालांकि अनाज और अन्य चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं। तो आइए जानते इस अंगारक योग के शुभ अशुभ प्रभाव और उपाय के बारे में…

मंगल का शुभ-अशुभ प्रभाव

मंगल की वजह से देश में आंदोलन, हिंसा, उपद्रव और आगजनी की स्थितियां बन सकती है। हवाई या पानी से जुड़ी दुर्घटना होने की आशंका है। देश के कुछ हिस्सों में हवा के साथ बारिश रहेगी। भूकंप या अन्य तरह से प्राकृतिक आपदा आने की भी आशंका है। सेना और पुलिस विभाग से जुड़े बड़े मामले सामने आ सकते हैं। जल सेना की ताकत बढ़ेगी। देश की कानून व्यवस्था भी मजबूत होगी। प्राकृतिक प्रकोप एवं रक्त से संबंधित बीमारियों को बढ़ावा देगी, संक्रमण बढ़ने के भी संकेत हैं। लाल वस्तुओं के भाव भी बढ़ेंगे। वर्तमान ग्रहों की स्थितियां मौसम में भी उतार-चढ़ाव लाएंगी। वृश्चिक राशि जल तत्व की राशि है। इसलिए नौसेना से जुड़े बड़े फैसले, विवाद या दुर्घटना होने की आशंका है।



बढ़ सकते हैं विवाद

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक आचार्य ओमप्रकाश त्रिवेदी जी ने बताया कि मंगल के चलते इस अवधि में सेना और पुलिस विभाग से जुड़े हादसे हो सकते हैं। इनसे जुड़ी घटनाएं या बड़े फैसले हो सकते हैं। सेना या सुरक्षा बलों को लेकर जनता में असंतुष्टि या गुस्सा रहेगा। लोगों को अपने काम पूरा करने के लिए भागदौड़ अधिक करना पड़ेगी। राजनीतिक दलों में आपसी विवाद बढ़ेंगे। आरोप-प्रत्यारोप का क्रम जनवरी के पहले पखवाड़े तक चरम पर पहुंचता दिखेगा। साथ ही पड़ोसी देशों के साथ सीमा विवाद भी हो सकते हैं।



करें ये उपाय

मंगल के अशुभ असर से बचने के लिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए। लाल चंदन या सिंदूर का तिलक लगाना चाहिए। तांबे के बर्तन में गेहूं रखकर दान करने चाहिए। लाल कपड़ों का दान करें। मसूर की दाल का दान करें। शहद खाकर घर से निकलें। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। मंगलवार को बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं।



Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Omasttro.in इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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