फरवरी में 4 तारीख से 21 तक विवाह के शुभ मुहूर्त बताये गए हैं। । इसके बाद अप्रैल के दूसरे पखवाड़े की 15 तारीख से दोबारा शादियां शुरू होंगी जो जुलाई तक चलेगी। मार्च में बृहस्पति और शुक्र की अनुपस्थिति के कारण विवाह मुहूर्त नहीं होगा।

आगामी माह में 4 से 21 फरवरी तक शहनाई बजेगी। शादियों के समय के साथ-साथ तीज-त्योहार भी होंगे। वहीं मार्च में बृहस्पति और शुक्र की अस्त होने के कारण विवाह नहीं होंगे। इसके बाद अप्रैल के दूसरे पखवाड़े की 15 तारीख से दोबारा शादियां शुरू होंगी जो जुलाई तक चलेगी। वहीं, तीज-त्योहार साल के दूसरे महीने के पहले पखवाड़े तक चलेगा। पंडित रामजीवन दुबे ने बताया कि इस दौरान मौनी-माघी अमावस्या, गुप्त नवरात्रि, बसंत पंचमी समेत अन्य पर्व भी होंगे। इसके अलावा जनेऊ, नामकरण, मुंडन, नए संस्थान का उद्घाटन, होम एंट्री लोग कर सकेंगे। मार्च में बृहस्पति और शुक्र की अनुपस्थिति के कारण विवाह मुहूर्त नहीं होगा। विवाह के लिए दोनों ग्रहों का उदय होना आवश्यक है, लेकिन धार्मिक अनुष्ठान और तीज-त्योहार मनाए जा सकते हैं।

शादी में आ रही अड़चन के दूर करने के उपाय

आचार्य ओमप्रकाश त्रिवेदी जी ने बताया कि अगर शादी नहीं हो पा रही है। उसमें कोई विघ्न पड़ रहा है तो युवक-युवतियों को शिव मंदिर जाना चाहिए। शिव और पार्वती की पूजा करें। लड़कियां 16 सोमवार का व्रत रखें। गुरुवार के दिन बृहस्पति का व्रत भी किया जा सकता है। छह मुखी रुद्राक्ष पहनें। सोमवार के दिन डेढ़ लीटर दूध और 200 ग्राम चने की दाल का दान करें। गुरुवार के दिन युवक-युवतियों को नहाने के पानी में थोड़ी सी हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए। पीले वस्त्र पहनें। यदि कुंडली में मांगलिक दोष हों तो हनुमान जी की पूजा अवश्य करें। हनुमान जी को गेहूं के आटे व गुड से बने लड्डू का भोग लगाएं, सिंदूर चढ़ाएं। ऐसा करने से विवाह योग बनना आसान हो जाता है।

विवाह मुहुर्त 2022

फरवरी- 4 से 6, 9, 10, 11,16 से 21

अप्रैल- 15 से 17, 19 से 23, 27 व 28

मई- 2 से 4, 6, 9 से 20, 24 से 26, 31


जून- 1, 5 से 17, 21 से 23, 26

जुलाई- 2, 3, 5, 6, 8

(इसके बाद 4 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर विवाह प्रारंभ होंगे।

फरवरी के महीने में यह त्योहार

1 फरवरी- मौनी-माघी अमावस्या,

2 फरवरी- गुप्त नवरात्र

4 फरवरी- वरद विनायकी चतुर्थी

5 फरवरी- बसंत पंचमी (सरस्वती जयंती),

7 फरवरी- शीतलाष्टमी, नर्मदा जयंती,

10 फरवरी- महानंदा नवमी,

12 फरवरी- भीष्म एकादशी,

14 फरवरी- प्रदोष, विश्वकर्मा जयंती,

15 फरवरी- रामचरण प्रभु जयंती, तेजाजी जयंती,

16 फरवरी -संत रविदास जयंती और माघ पूर्णिमा रहेगी।

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जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। 
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते।।
 
ॐ एस्ट्रो के सभी पाठको को
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