meshaadi raashiyon evan navaansho ke svaamee ( laghujaatak )

 

कुजशुक्रज्ञेन्द्वर्कज्ञशुक्रकुजजीवसौरियमगुरुवः  | 

भेषानवांशकानामजमकरतुलाकुलीराद्याः || ८ ||

 

मंगल , शुक्र , बुध , चंद्रमा , सूर्य , बुध , शुक्र , मंगल , बृहस्पति , शनि , शनि , बृहस्पति ये क्रम से मेषादि १२ राशियों के स्वामी है | तथा मेषादि राशियों के नवांशादिको के भी क्रम से मंगलादिक ही स्वामी होते है | एवं मेषादि १२ राशियों से क्रम से मेषादि , मकरादि , तुलादि और कर्कादि तीन आवृत्ति करके नवांश होते है | जैसे मेष में मेषादि ९ , वृष में मकरादि , तुला ९ , मिथुन में तुलादि ९ तथा कर्कादि ९ राशि | स्पष्टार्थ चक्र देखे –

विशेष –  इसका प्रयोजन जन्मकाल में राशि और नवांश में जो बली रहता है   | उसी के समान जातक का रूप – वर्ण आदि  समझा जाता है |

 

 

 

|| लघुजातक ||

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जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। 
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते।।
 
ॐ एस्ट्रो के सभी पाठको को
शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी
की हार्दिक शुभकामनाये ||

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