मृगशिरा नक्षत्र का फल

मृगशिरा नक्षत्र का चिह्न

वैदिक ज्योतिष के अनुसार मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह है। यह हिरन के सर की तरह दिखायी देता है। इस नक्षत्र के सोमा (चंद्र – चंद्रमा) और लिंग स्री है। यदि आप मृगशिरा नक्षत्र से संबंध रखते हैं, तो उससे जुड़ी अनेक जानकारियाँ जैसे व्यक्तित्व, शिक्षा, आय तथा पारिवारिक जीवन आदि यहाँ प्राप्त कर सकते हैं।

मृगशिरा नक्षत्र के जातक का व्यक्तित्व

यदि आपका परिचय सिर्फ़ एक शब्द में देना हो तो कह सकते हैं कि आप “खोजी” हैं, क्योंकि आप जिज्ञासा-प्रधान स्वभाव के हैं। आध्यात्मिक, मानसिक या भावनात्मक स्तर पर नित नयी खोज और अनुभव पाने के लिए आप हमेशा तैयार रहते हैं। अपने ज्ञान व अनुभव को बढ़ाना ही आपका एकमात्र लक्ष्य है। आप तीक्ष्ण बुद्धि और विविध विषयों को शीघ्र समझने वाले हैं। आपका व्यवहार विनम्र, शिष्ट, हँसमुख, मिलनसार व उत्साही है। आपका मन और मस्तिष्क निरंतर क्रियाशील रहता है तथा नए-नए विचार सदैव आपके मन में आते रहते हैं। आपको लोगों से मिलना और उनकी मदद करना सुख व संतोष देता है। सिद्धांतवादी और साधारण जीवन जीना आपको बहुत भाता है और आपके विचार भी निष्पक्ष और निष्कपट होते हैं। बातचीत में आप बेहद कुशल हैं और आपमें गायक और कवि के गुण भी भरपूर मात्रा में हैं। व्यंग्य और हँसी-मज़ाक़ करने में भी आप पीछे नहीं हैं। तक़रार, मतभेद या वाद-विवाद से आप अक्सर बचा करते हैं, इसी कारण से कुछ लोग आपको दब्बू समझने की भूल कर बैठते हैं। सच तो यह है की आप जीवन का भरपूर आनंद उठाना चाहते हैं और बेकार की बहस या निरर्थक बातों को कोई महत्व नहीं देते हैं। प्यार और सहयोग को ही आप सुख व सफलता की कुंजी मानते हैं। आप तर्क-प्रधान हैं और हर चीज़ का बारीकी से विश्लेषण करते हैं। अपनी मान्यताओं व विचारों पर आप दृढ़ विश्वास करते हैं। आप दूसरों से अच्छा व्यवहार करते हैं और चाहते हैं कि दूसरे लोग भी आपसे ऐसा ही व्यवहार करें, परंतु अक्सर ऐसा होता नहीं है। आपको अपने मित्रों, भागीदारों और सम्बन्धियों से व्यवहार करते समय सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि अक्सर लोगों से आपको धोखा ही मिलता है। आपमें नेतृत्व या पहल करने और समस्याओं से निपटने की विशेष योग्यता है।

शिक्षा और आय

आप अच्छी शिक्षा प्राप्त करेंगे और लोगों को धन का कहाँ और कैसे प्रयोग करना चाहिए–इसकी सलाह भी ख़ूब देंग। लेकिन स्वयं अपने ख़र्चों पर नियत्रंण रखना आपके लिए मुश्किल होगा। कभी-कभी आप ख़ुद को आर्थिक संघर्षों से घिरा हुआ पायेंगे। आप अच्छे गायक व संगीतज्ञ, चित्रकार, कवि, भाषाविद, रोमांटिक उपन्यासकार, लेखक या विचारक साबित हो सकते हैं। भूमि-भवन, सड़क या पुल-निर्माण, यंत्र व उपकरण निर्माण, कपड़ा या वस्त्र उद्योग से जुड़े विभिन्न कार्य, फ़ैशन डिज़ाइनिंग, पशुपालन या पशुओं से जुड़ी वस्तुओं को बेचना, पर्यटन विभाग, कोई खोज कार्य, भौतिकी, खगोल या ज्योतिष शास्त्र का अध्यापन व प्रशिक्षण कार्य, क्लर्क, प्रवचनकर्ता, संवाददाता, शल्य चिकित्सक, सेना या पुलिस विभाग की सर्विस, ड्राइवर, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिक, मैकेनिकल या इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग सरीखे कार्य करके अपना जीवनयापन कर सकते हैं।

पारिवारिक जीवन

आपका वैवाहिक जीवन सामान्यत: सुखी बीतेगा, लेकिन पत्नी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ रह सकती हैं। दाम्पत्य जीवन का पूर्ण सुख लेने के लिए आपको हठी और संशयपूर्ण स्वभाव से हमेशा बचना चाहिए। आपके पारिवारिक जीवन में अनुकूलता धीरे-धीरे आयेगी–यदि पति-पत्नी एक दूसरे के दोष व दुर्बलताओं की अनदेखी करना सीख लें तो आप शिव-पार्वती सरीखे श्रेष्ठ युगल साबित हो सकते हैं। 32 वर्ष की आयु तक आपको जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उसके बाद से जीवन में स्थिरता व संतोष की स्थिति आ जायेगी और 33 वर्ष से 50 वर्ष की आयु का समय आपके लिए सफल व अनुकूल साबित होगा।

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