22 फरवरी 2022 को मकर राशि में शनि में शनि उदय होने जा रहा है। अपने इस विशेष ब्लॉग में जानेंगे शनि उदय (अस्त समाप्त होने को उदय कहते हैं) होने का सभी बारह राशियों के जातकों के जीवन पर क्या कुछ प्रभाव और परिवर्तन देखने को मिलेंगे। यह विशेष भविष्यफल वैदिक ज्योतिष की गणना पर आधारित है।

ज्योतिष में शनि ग्रह
ज्योतिष में शनि पेशेवर जीवन, जीवन काल और प्रतिष्ठा का कारक ग्रह माना गया है। यह ग्रह समर्पण, प्रतिबद्धता और ईमानदारी को दर्शाता है। जन्म कुंडली में मज़बूत शनि के प्रभावस्वरूप व्यक्ति कला क्षेत्र में निपुण, नौकरी में अच्छी स्थिति/पोजीशन, मज़बूत आर्थिक स्थिति और व्यवसाय में शानदार लाभ का वरदान प्राप्त होता है। यह एक व्यक्ति को कड़ी मेहनत करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। विदेश जाने के लिए शनि एक महत्वपूर्ण ग्रह है और कुंडली में शनि की मज़बूत स्थिति व्यक्ति को इस दिशा में आगे बढ़ने में मदद करती है।

शनि मकर राशि में उदय: समय
22 फरवरी 2022 को 22:50 बजे शनि अस्त से अपनी उदय अवस्था में वापिस आ जाएगा। इससे व्यक्ति व्यवसाय में पहचान, प्रतिष्ठा अर्जित करने आदि में सक्षम होगा। इस समय अवधि में पदोन्नति के भी प्रबल योग बन रहे हैं। शनि की अपनी सामान्य स्थिति में लौटने से व्यक्ति ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है और इस प्रकार स्थिरता प्राप्त कर सकता है।



मकर में शनि उदय-सभी बारह राशियों पर पड़ेगा क्या प्रभाव
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शनि दशम और एकादश भाव का स्वामी है और दशम भाव में स्थित है। जिसके प्रभाव स्वरूप आप अपने कार्य को पूरा करने में सक्षम और कार्य के प्रति ज्यादा समर्पित रहने वाले हैं।

करियर मोर्चे पर आप अपने काम पर ज्यादा ध्यान देंगे और अधिकांश समय अपने काम को पूरा करने में लगाएंगे। आपको नौकरी के ऐसे नए अवसर भी मिलेंगे जो आपको लक्ष्य को पूरा करने में मददगार साबित होंगे। इसके अलावा आप की वर्तमान नौकरी में यदि आप लंबे समय से पदोन्नति की आस में थे तो इस संदर्भ में आपको शुभ समाचार भी मिल सकते हैं।

यदि आप व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं तो इस समय अवधि में आपको लाभ और खर्चों के रूप में मिश्रित परिणाम मिलेंगे। ऐसे में आपको सलाह दी जाती है कि अपने व्यवसाय के संदर्भ में एक सुनिश्चित प्लान बना कर उसी के अनुरूप चलें। इस समय अवधि में आपको अपने बिजनेस पार्टनर के साथ कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।

वहीं रिश्तों की बात करें तो आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ अपने संबंधों के लिए प्रतिबद्ध नजर आएंगे। परिवारिक मामलों में आप ज्यादा सक्रिय रहेंगे। इस दौरान आपके जीवन साथी के साथ आपके संबंध मधुर रहने वाले हैं और यदि आप प्रेम के रिश्ते में हैं तो यह समय आपके लिए शुभ रहेगा और आप वैवाहिक बंधन में भी बंध सकते हैं।

उपाय: प्रतिदिन 44 बार “ॐ मांडया नमः” का जाप करें।

वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि नवम और दशम भाव का स्वामी है और नवम भाव में स्थित है। जिसके फलस्वरूप आप इस दौरान अपने कार्य के चलते ढेरों यात्राएं करेंगे और आप जो भी काम कर रहे हैं उसमें ज्यादा प्रतिबद्ध और समर्पित रहने वाले हैं।

पेशेवर मोर्चे पर आपको अपने काम में वृद्धि, पदोन्नति और अन्य लाभ आदि के संदर्भ में अच्छे परिणाम मिलने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा नई नौकरी के संदर्भ में आपको भाग्य का साथ मिलेगा और यह आपके भविष्य के लिए शुभ साबित होगा। यदि आप व्यवसाय के क्षेत्र में जुड़े हैं तो आप इस संबंध में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भाग्यशाली रहेंगे।

आर्थिक पक्ष पर बात करें तो इस दौरान आपको समृद्धि, भाग्य का साथ मिलेगा। जिससे आप अपनी बचत करने में कामयाब रहेंगे। इसके अलावा इस दौरान आपके जीवन में नकद प्रवाह बढ़ेगा जिससे भी आपको लाभ मिलेगा। अधिक बचत की गुंजाइश बनेगी और आप इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं।

रिश्तों की बात करें तो आप अपने जीवन साथी के साथ मधुर और सौहार्दपूर्ण रिश्ता बनाए रखने में सफल रहेंगे। आपके और आपके जीवनसाथी के बीच समझ बढ़ेगी जिससे आपके जीवन में खुशियां आने की प्रबल संभावना है।

स्वास्थ्य के मामले में इस समय स्वास्थ्य आपका अच्छा रहेगा और यह आप में व्याप्त उत्साह के कारण मुमकिन होगा।

उपायः शनिवार के दिन भिखारियों को वस्त्र दान करें।



मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि अष्टम और नवम भाव का स्वामी है और अष्टम भाव में स्थित है। जिसके परिणाम स्वरूप आपके द्वारा किए जा रहे प्रयासों में आपको कुछ देरी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा आपके जीवन में इस दौरान कुछ रुकावटें भी आ सकती हैं।

पेशेवर मोर्चे पर आपको अपने काम में कुछ कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपके जीवन में काम का बोझ भी ज्यादा रहने वाला है। हालाँकि आप नौकरी में इन सभी परेशानियों और मौजूदा स्थिति को बेहद ही प्रभावी तरीके से संभालने में कामयाब रहेंगे। आपको अपने वरिष्ठों से नौकरी में कुछ अतिरिक्त दबाव का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में आपको अपनी नौकरी के संदर्भ में कुछ उपयुक्त प्लान बनाने की सलाह दी जाती है।

यदि आप व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े हैं तो आपको अचानक कुछ नुकसान का सामना करना पड़ सकता है और यह आपकी तरफ से बुरे समय की वजह से होने की आशंका है। इस समय के दौरान आपके लिए आवश्यक है कि अपने व्यवसाय से संबंधित कोई बड़ा निर्णय ना लें। साथ ही इस दौरान आपके बिजनेस पार्टनर के साथ संबंधों में कुछ समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है।

आर्थिक मोर्चे पर आपको खर्चों का सामना करना पड़ सकता है और यह आपके लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। हालांकि इस दौरान आपको विरासत और अन्य साधनों के रूप में कुछ अप्रत्याशित लाभ मिलने की प्रबल संभावना है लेकिन जीवन में कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी।

व्यक्तिगत रूप से इस समय अवधि में आपको अपने साथी के साथ संबंधों में खुशियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा किन्हीं परिवारिक समस्याओं के कारण होने की आशंका है। लेकिन आपके जीवन में कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। अपना स्वास्थ्य उत्तम बनाए रखने के लिए आप को ध्यान करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

उपाय: “ॐ शनैश्चराय नमः” का प्रतिदिन 21 बार जाप करें।

कर्क राशि
कर्क एक जलीय और चर राशि है। कर्क राशि के जातकों के लिए शनि सप्तम और अष्टम भाव का स्वामी है और सप्तम भाव में स्थित है। जिसके परिणाम स्वरूप आपको संपत्ति खरीदने का निवेश करने के संदर्भ में लाभ प्राप्त हो सकता है। आपको अधिक धन प्राप्ति की इच्छा इस वक्त प्रबल हो सकती है।

पेशेवर मोर्चे पर आप पर काम का दबाव थोड़ा ज्यादा होने वाला है और इसके कारण आपको अपने लिए एक उचित शेड्यूल और योजना बनाने और उसे समझदारी से निष्पादित करने की आवश्यकता पड़ सकती है। इस दौरान आपको प्रमोशन मिलने में कुछ देरी हो सकती है। यदि आप व्यापार के क्षेत्र से जुड़े हैं तो अच्छा लाभ कमाने के लिए यह समय उपयुक्त नहीं साबित होगा।

रिश्तो के संदर्भ में बात करें तो मुमकिन है कि इस दौरान आपको अपने परिवार का माहौल ज्यादा उत्साहजनक ना लगे। इसके अलावा इस दौरान आपसी रिश्ते में उचित बांड कुछ गायब रहने वाला है। जिसकी वजह से आपके जीवन में खुशियों की कमी देखने को मिल सकती है। इस दौरान आपको सर्दी जुखाम की समस्या भी परेशान कर सकती है।

उपाय: सोमवार के दिन वृद्ध महिलाओं को भोजन कराएं।

सिंह राशि
सिंह उग्र है और एक निश्चित राशि है। सिंह राशि के जातकों के लिए शनि छठे और सातवें भाव का स्वामी है और यह छठे भाव में स्थित है। जिसके प्रभाव स्वरूप आपको अपने प्रयासों में सफल होने के लिए उचित दृढ़ संकल्प और व्यवसायिकता प्राप्त होने की संभावना है।

पेशेवर मोर्चे पर बात करें तो यदि आप किसी नई नौकरी की तलाश में थे तो इस संदर्भ में आपको शुभ समाचार मिल सकता है। इस दौरान आप अपना कौशल दिखाने और संकल्प के साथ खुद की छवि अपने वरिष्ठों के सामने पेश करने में अपने सहयोगियों से आगे रहने वाले हैं। यदि आप व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े हैं तो यह समय आपके लिए बेहद अच्छा और लाभदायक रहने वाला है। इस दौरान आपको कई नए अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं।

रिश्तों की बात करें तो यह समय आपके और आपके जीवनसाथी के लिए बेहद अनुकूल रहने वाला है। इस दौरान आप दोनों किसी आकस्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। यह यात्रा आप दोनों के लिए शुभ साबित होगी। आप दोनों के बीच की बॉन्डिंग बढ़ेगी। स्वास्थ्य भी इस समय उत्तम रहने वाला है।

उपाय: हनुमान चालीसा का जाप करें।

कन्या राशि
कन्या सामान्य है और दोहरी राशि है। कन्या राशि के जातकों के लिए शनि पंचम भाव और छठे भाव का स्वामी है और यह पंचम भाव में स्थित है। जिसके परिणाम स्वरूप आपको अपने प्रयासों में कुछ देरी का सामना करना पड़ सकता है।

पेशेवर मोर्चे पर बात करें तो आपके जीवन में काम का बोझ इस समय ज्यादा रहने वाला है जिसके कारण मुमकिन है कि इस दौरान कार्यक्षेत्र में आप से गलतियां ज्यादा होने लगे। इसलिए आपको अपने काम के प्रति ज्यादा सावधान रहने की सलाह दी जाती है। नौकरी में काम का बोझ ज्यादा रहेगा और ऐसे में आपको यहां समझदारी के साथ अपना काम संभालने की आवश्यकता पड़ेगी। यदि आप व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े हैं तो मुमकिन है कि आपको उचित लाभ न प्राप्त हो सके और जिसके कारण आप अगले कदम की योजना बनाने में असफल महसूस कर सकते हैं।

रिश्तो की बात करें तो इस दौरान आपके रिश्ते में सामंजस्य नहीं होने के चलते वाद विवाद होने की आशंका है। स्वास्थ्य मोर्चे पर बात करें तो पैर में ज्यादा दर्द हो होने की आशंका है।

उपाय: प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम का जाप करें।



तुला राशि
तुला एक वायु है और स्त्री राशि चिन्ह है। शनि चतुर्थ और पंचम भाव का स्वामी है और चतुर्थ भाव में स्थित है। जिसके प्रभाव स्वरूप आप अलग-अलग गतिविधियों में भाग लेने के प्रति ज्यादा उत्सुक नजर आएंगे और आप अपनी सुख-सुविधाओं में वृद्धि भी कर सकते हैं।

पेशेवर मोर्चे पर, आप इस अवधि में आपके जीवन में काम का दबाव ज्यादा महसूस करने वाले हैं और आप उसी के प्रति प्रतिबद्ध भी नजर आएंगे। जिसके चलते इस समय अवधि में आपको ज्यादा पेशेवर तरीके से अपना काम करने की योजना बनाने की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि यहाँ अच्छी बात यह है कि नौकरी में काम के दबाव के बावजूद आपको नौकरी में सफलता प्राप्त होगी। यदि आप व्यवसाय के क्षेत्र से संबंधित है तो उचित लाभ प्राप्त करने के लिए यह समय ज्यादा अनुकूल नहीं रहने वाला है।

रिश्तों की बात करें तो इस दौरान आपसी समझ की कमी के चलते आपके रिश्ते में सामंजस्य कहीं गायब सा हो जाएगा जिसकी वजह से आप ज्यादा खुश नहीं रह सकेंगे। सलाह दी जाती है कि आपको अपने रिश्तो में बिगड़ी चीजें सही करने के लिए अपने दृष्टिकोण को समायोजित करने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य संदर्भ में बात करें तो इस दौरान आपको पैर दर्द की शिकायत हो सकती है।

उपायः शनिवार के दिन कौवे को खाना कराएं।

वृश्चिक राशि
वृश्चिक जलीय राशि है और एक स्त्री राशि चिन्ह है। शनि तीसरे और चौथे भाव का स्वामी है और तीसरे भाव में स्थित है। जिसके प्रभाव स्वरूप आप इस समय अवधि में आत्म विकास के लिए ज्यादा उत्सुक और तत्पर नजर आएंगे और अपने जीवन में कुछ नए बदलाव भी देख सकते हैं।

पेशेवर जीवन के संदर्भ में बात करें तो व्यस्त शेड्यूल होने के बावजूद इस समय अवधि में आप अपने काम में अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रहेंगे। इसके अलावा इस दौरान आपको अपने काम या किसी असाइनमेंट के चलते किसी लंबी दूरी की यात्रा पर भी जाना पड़ सकता है।

यदि आप व्यवसाय के क्षेत्र से संबंधित हैं तो आप इस दौरान अपने जीवन में कुछ नए बदलाव देख पाएंगे। साथ ही आप इस दौरान अपने व्यवसाय में कुछ नए तकनीक और तरीकों को भी शामिल कर सकते हैं। हालांकि इस दौरान आपके प्रतिद्वंदी आप से आगे रहने वाले हैं।

आपके घर परिवार में कुछ शुभ और मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकता है जिनमें आप पूरी तरह से व्यस्त रहने वाले हैं। कुल मिलाकर आपके घर का माहौल खुशनुमा रहेगा। आपके परिवार में होने वाले इन अवसरों के कारण आप इसमें ज्यादा व्यस्त रहेंगे। स्वास्थ्य संबंधित कोई भी परेशानी इस समय नहीं होने वाली है।

उपायः “ॐ शनैश्वरराय नमः” का प्रतिदिन 17 बार जाप करें।


धनु राशि
धनु एक उग्र और पुरुष चिन्ह है। शनि दूसरे और तीसरे भाव का स्वामी है और दूसरे भाव में स्थित है। जिसके प्रभाव स्वरूप आप ज्यादा धन कमाने के अपने प्रयासों में ज्यादा सतर्क और सावधान रहने वाले हैं। साथ ही आप निजी मामलों पर भी पूरा ध्यान बनाए रखेंगे।

पेशेवर जीवन के संदर्भ में बात करें तो इस दौरान आपको अपनी नौकरी संभालने के प्रति ज्यादा सावधान रहने की आवश्यकता पड़ सकती है क्योंकि नौकरी के दबाव के कारण आपसे गलतियां होने की आशंका ज्यादा बन रही है। इसके अलावा आपको इस समय अवधि में आप के वरिष्ठ अधिकारीयों के साथ रिश्तो में कुछ समस्याओं का सामना भी आपको करना पड़ सकता है इसीलिए आपको धैर्य के साथ और आराम से काम करने की सलाह दी जा रही है। यदि आप व्यवसाय के क्षेत्र से संबंधित हैं तो इस दौरान आप को नुकसान उठाना पड़ सकता है और साथ ही बाधाओं का सामना भी करना पड़ सकता है।

मुमकिन है कि आपसी समझ की कमी के चलते आपको अपने जीवनसाथी और परिवार के सदस्यों के साथ रिश्तों में कुछ परेशानियों का सामना करने की स्थिति से दो चार होना पड़े। ऐसे में आपको इस स्थिति को सही से संभालने और अपने रिश्तो में उचित तालमेल बिठाने की आवश्यकता पड़ेगी।

उपायः गुरुवार के दिन भगवान शिव की पूजा करें।

मकर राशि
मकर एक चर और पृथ्वी राशि चिन्ह है। शनि प्रथम और द्वितीय भाव का स्वामी है और प्रथम भाव में है। जिसके प्रभाव स्वरूप आप अपने भविष्य के बारे में सोचने में ज्यादा सतर्क और चौकन्ना रहने वाले हैं। इस दौरान आपको ढेरों यात्राओं पर भी जाना पड़ सकता है।

पेशेवर मोर्चे पर इस समय अवधि में आपको बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही आप अपने कार्यों को पूरा करने में अति व्यस्त भी रहने वाले हैं। मुमकिन है कि इन सब की वजह से आपके जीवन में फुर्सत के पल ज्यादा देखने को ना मिले। इसके अलावा यदि आप व्यवसाय के क्षेत्र से संबंधित है तो आपको इस समय अवधि में औसत लाभ प्राप्त हो सकता है।

रिश्तों के संदर्भ में बात करें तो इस दौरान आपको परिवार में और अपने जीवनसाथी के साथ कुछ मुद्दों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इन परेशानियों से निपटने के लिए आपको एडजस्ट करने की जरूरत पड़ सकती है। सेहत के लिहाज से बात करें तो इस दौरान पैरों में दर्द की परेशानी आपको दिक्कत में डाल सकती है।

उपायः शनिवार के दिन विकलांगों को दही चावल खिलाएं।

कुंभ राशि
कुंभ एक स्थिर और वायु राशि चिन्ह है। शनि प्रथम और बारहवें भाव का स्वामी है और बारहवें भाव में है। जिसके प्रभाव स्वरूप इस दौरान आपको यात्राओं में ज्यादा समय देना पड़ सकता है। साथ ही आप अपने कार्यों के प्रति इस दौरान ज्यादा प्रतिबद्ध नजर आएंगे।

पेशेवर मोर्चे पर बात करें तो इस दौरान आपको अपनी नौकरी के पैटर्न में बदलाव और ज्यादा यात्राओं के योग बन रहे हैं। इसके अलावा काम में कम संतुष्टि के चलते आप नौकरी बदलने का विचार भी कर सकते हैं। आप उच्च संभावनाओं के लिए नई नौकरी की तलाश में नजर आएंगे। यदि आप व्यवसाय के क्षेत्र से संबंधित है तो पर्याप्त लाभ कमाने में आपको ढेरों परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

रिश्तो के संदर्भ में बात करें तो परिवार और जीवनसाथी से संबंधित इस दौरान आपके वाद विवाद और परेशानियां होने की आशंका बन रही है। ऐसे में आपको रिश्तों की बेहतरी के लिए धैर्य से काम लेने और समस्याओं को सुलझाने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य मोर्चे पर आपको घुटनों में दर्द की परेशानी दिक्कत में डाल सकती है।

उपायः शनिवार के दिन शनि होम (यज्ञ) करें।

मीन राशि
मीन राशि एक सामान्य और जलीय राशि चिन्ह है। शनि ग्यारहवें और बारहवें भाव का स्वामी है और एकादश भाव में स्थित है। जिसके प्रभावस्वरूप इस अवधि में आप अपनी मनोकामना को पूरा करने में सफल रहेंगे। साथ ही आप लॉन्ग टर्म प्लान भी कर सकते हैं।

पेशेवर मोर्चे पर यह समय बेहद ही शानदार रहने वाला है। इस दौरान आप तमाम सफलता हासिल करने में कामयाब रहेंगे। इसके अलावा इस समय में आपको कोई नई नौकरी का प्रस्ताव भी मिल सकता है जिससे आपकी मनोकामना पूरी होगी। यदि आप व्यापार करते हैं तो यह समय आपके लिए अच्छा रहने वाला है। इस दौरान आपको ढेरों होंगे अवसर प्राप्त होने की भी उच्च संभावना नजर आ रही है।

रिश्ते के संदर्भ में बात करें तो इस दौरान आप अपने प्यार को सफलता में बदलने में कामयाब रहेंगे। यदि आप विवाह का विचार कर रहे हैं तो इस दौरान आप को इस संदर्भ में सफलता मिल सकती है। यदि आप पहले से शादीशुदा हैं तो आप अपने जीवन साथी के साथ मिलकर शानदार समय का लुफ्त उठाने में कामयाब रहेंगे।

उपायः विशेषतौर पर शनिवार के दिन वृद्धजनों का आशीर्वाद लें।

इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा Omasttro के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

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