आज कुछ शेयर बाजार को लेकर चर्चा करते है।शेयर बाजार में धन का मल्टीप्लिकेशन होता है एडीशन नही अर्थात 4+4=8 नही बल्कि 4 4=16 होता है।

⭐ जिसको शेयर बाजार में लगातार लाभ लेना है उसके लिए पंचम भाव जोकि बुद्धि और विवेक का भाव होता है। वह मजबूत होना चाहिए। तभी वह अपने बुद्धि और विवेक से सही निर्णय लेगा।

⭐ अब अगला लाभ भाव को देखना होगा अर्थात एकादश भाव। लाभ में निरंतरता बनी रहे तो उसके लिए लाभ भाव को भी मजबूत होना चाहिए।

⭐इसके बाद आपको धन के कारक ग्रह जोकि गुरु होते है,विपुल धन के कारक शुक्र और लिक्विड मनी जोकि चंद्रमा होते है। इनकी स्थिति भी देखना चाहिए।

⭐चंद्रमा को विशेषकर देखना चाहिए क्युकी वह लिक्विड मनी होता है। यदि एकादश भाव या चंद्रमा पर गुरु की दृष्टि है तो भी शेयर मार्केट के लिए ठीक होता है।

⭐ कुछ लोग राहु को पंचम स्थान में शेयर मार्केट के लिए अच्छा बताते है। उसका कारण है की राहु नीति और योजना बनाने में निपुण होता है। यह बुद्धि और विवेक का भी भाव होता है।राहु की दृष्टि लाभ और लगन पर होती है तो यहां राहु अपने लाभ के लिए योजना बनाता रहता है और राहु लाभ के लिए सही और गलत कोई भी रास्ता अपना सकता है। और यदि बाकी ग्रहों का भी सहयोग मिल जाए तो शेयर बाजार में बहुत उन्नति करता है।

⭐जो शेयर बाजार में लंबे समय के लिए इन्वेस्ट करते है उनके लिए अष्टम भाव का भी मजबूत होना आवश्यक है क्युकी अष्टम भाव आकस्मिक लाभ और हानि का भाव होता है,गुप्त धन का भाव होता है।जिनका अष्टम भाव मजबूत होता है उनको भी शेयर बाजार के द्वारा आकस्मिक लाभ हो सकता है।

⭐इस तरह कुल मिलाकर पंचम,एकादश और अष्टम भाव का महत्वपूर्ण भूमिका होती है और ग्रह के रूप में चंद्रमा,गुरु,शुक्र और राहु की। अगर यह सब अनुकूल है तो शेयर बाजार में बहुत ऊंचाई तक जा सकते है।

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