Om Asttro / ॐ एस्ट्रो

News & Update

कुंडली रिपोर्ट , शनि रिपोर्ट , करियर रिपोर्ट , आर्थिक रिपोर्ट जैसी रिपोर्ट पाए और घर बैठे जाने अपना भाग्य अभी आर्डर करे
❣️❣️ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ।❣️❣️ ज्योतिष: वेद चक्षु नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिव तराय च नमः।।>

Om Asttro / ॐ एस्ट्रो

January 28, 2023 16:46
Omasttro

  शिव-सती विहार 

 
 
नारद जी ने पूछा-हें पितामह ब्रह्माजी! शिवजी के विवाह के पश्चात सभी पधारे देवी-देवताओं और ऋषि-मुनियों सहित श्रीहरि और आपको विदा करने के पश्चात क्या हुआ ? हें प्रभु! इससे आगे की कथा का वर्णन भी आप मुझसे करें | यह सुनकर ब्रह्माजी ने मुस्कुराते हुए कहा-हें महर्षि नारद! सभी उपस्थित देवताओं को विवाहोपरांत भगवान शिव और देवी सती ने प्रसन्नतापूर्वक विदा कर दिया | तत्पश्चात देवी सती ने सभी शिवगणों को भी कुछ समय के लिए कैलाश पर्वत से जाने की आज्ञा प्रदान की | सभी शिवगणों ने महादेव जी को प्रणाम कर उनकी स्तुति की | तत्पश्चात उन्होंने भगवान शंकर से वहां से जाने की आज्ञा मांगी | आज्ञा देते हुए महादेव जी ने कहा-जाएँ लेकिन मेरे स्मरण करने पर आप सभी तुरंत मेरे समक्ष उपथित हो जाएँ | तब नंदी समेत सभी गण वहां भगवान शिव और देवी सती को अकेला छोडकर कुछ समय के लिए कैलाश पर्वत से चले गए |
 
     अब कैलाश पर्वत पर भगवान शिव सती के साथ अकेले थे | देवी सती भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त कर बहुत खुश थी | बहुत कठिन तप के उपरांत ही उन्हें भगवान शिव का सान्निध्य मिल पाया था | यह सोचकर वह बहुत रोमांचित थी | उधर देवी सती ने अनुपम सौंदर्य को देखकर शिवजी भी मोहित हो चुके थे | वे भी देवी सती का साथ पाकर अपने को धन्य समझ रहे थे | एकांत पाकर शिवजी अपनी पत्नी सती के साथ कैलाश पर्वत के शिखर पर स्मरण करने लगे |
error: Content is protected !!
Join Omasttro
Scan the code

Om Asttro / ॐ एस्ट्रो

आपका हार्दिक स्वागत करता है ,

ॐ एस्ट्रो से अभी जुड़े 

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

Om Asttro / ॐ एस्ट्रो will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.
%d bloggers like this: