शिवशक्ति 

 

शिव के बिना शक्ति का कोई महत्व नही और शक्ति के बिना शिव का कोई महत्व नही । शिव तत्व और शक्ति तत्व जब समरूप होते है तभी अर्धनारीश्वर रूप में आते हैं । महादेव ने अपने ही भाव में डूबी अपने शिव को समर्पित माँ पार्वती को खिन्न देखा तो उनको इस स्थिति से बहार लाने के लिए उनकी स्थिति को समझकर अपने मे बाये अंग में उनका स्थान दिखाकर उनको स्पस्टीकरण किया कितनी सूंदर बात है ये इसी ज्ञान को आज के समय मे यदि सभी पति पत्नी समझे तो कभी भी तलाक तो दूर की बात है , तलाक जैसे शब्दों तक का प्रयोग नही होगा।दोनो को अपनी शक्तिओ का अपने तत्व का बोध नही रहा।खोते जा रहे है सब स्वयम को सिर्फ अहम का पोषण कर रहे है पुरुष और स्त्री में अब परुष तत्व ही ज्यादा बढ़ रहा है इसी के बढ़ने से सब ओर ये स्थिति बनी हुई हैं….

 

 

सीमा पासी
आध्यात्मिक सलाहकार, हीलर,मेडिटेटर,
अम्बाला हरियाणा
संपर्क –  9817621733

 

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