Tag: विद्येश्वर संहिता

विद्येश्वर संहिता ( पच्चीसवाँ अध्याय ) “रुद्राक्ष माहात्म्य”

सूत जी कहते हैं :– महाज्ञानी शिवस्वरूप शौनक ! भगवान शंकर के प्रिय रुद्राक्ष का माहात्म्य मैं तुम्हें सुना रहा हूं।…

विद्येश्वर संहिता ( चौबीसवाँ अध्याय ) “भस्मधारण की महिमा”

सूत जी ने कहा :– हे ऋषियो! अब मैं तुम्हारे लिए समस्त वस्तुओं को पावन करने वाले भस्म का माहात्म्य सुनाता…

विद्येश्वर संहिता ( बाइसवाँ अध्याय  ) “शिव नैवेद्य और बिल्व माहात्म्य”

  ऋषि बोले :– हे सूत जी ! हमने पूर्व में सुना है कि शिव का नैवेद्य ग्रहण नहीं करना चाहिए।…

विद्येश्वर संहिता ( इक्कीसवाँ अध्याय ) “शिवलिंग की संख्या”

  सूत जी बोले :- महर्षियो! पार्थिव लिंगों की पूजा करोड़ों यज्ञों का फल देने वाली है। कलियुग में शिवलिंग पूजन…

विद्येश्वर संहिता ( बीसवाँ अध्याय ) “पार्थिव लिंग पूजन की विधि” 

“पार्थिव लिंग पूजन की विधि”    पार्थिव लिंग की श्रेष्ठता तथा महिमा का वर्णन करते हुए सूत जी ने कहा…

विद्येश्वर संहिता ( अठारहवाँ अध्याय ) “बंधन और मोक्ष का विवेचन शिव के भस्मधारण का रहस्य”

“बंधन और मोक्ष का विवेचन शिव के भस्मधारण का रहस्य” ऋषि बोले :- सर्वज्ञों में श्रेष्ठ सूत जी! बंधन और…

विद्येश्वर संहिता ( सत्रहवाँ अध्याय ) “प्रणव का ( सिद्धि ) माहात्म्य व शिवलोक के वैभव का वर्णन”

“प्रणव का माहात्म्य व शिवलोक के वैभव का वर्णन” ऋषि बोले :- महामुनि ! आप हमें ‘प्रणव मंत्र’ का माहात्म्य…

विद्येश्वर संहिता ( सोलहवाँ अध्याय ) “देव प्रतिमा का पूजन तथा शिवलिंग के वैज्ञानिक स्वरूप का विवेचन”

“देव प्रतिमा का पूजन तथा शिवलिंग के वैज्ञानिक स्वरूप का विवेचन” ऋषियों ने कहा :- साधु शिरोमणि सूत जी! हमें…

विद्येश्वर संहिता ( पंद्रहवाँ अध्याय ) “देश, काल, पात्र और दान का विचार”

“देश, काल, पात्र और दान का विचार” shivpuran book  shivpuran story ऋषियों ने कहा :– समस्त पदार्थों के ज्ञाताओं में…

विद्येश्वर संहिता चौदहवाँ अध्याय “अग्नियज्ञ, देवयज्ञ और ब्रह्मयज्ञ का वर्णन”

“अग्नियज्ञ, देवयज्ञ और ब्रह्मयज्ञ का वर्णन” Vidyeshwara Samhita Fourteenth Chapter ऋषियों ने कहा :- प्रभो! अग्नियज्ञ, देवयज्ञ और ब्रह्मयज्ञ का…

विद्येश्वर संहिता ( तेरहवाँ अध्याय ) “सदाचार, संध्यावंदन, प्रणव, गायत्री जाप एवं अग्निहोत्र की विधि तथा महिमा”

“सदाचार, संध्यावंदन, प्रणव, गायत्री जाप एवं अग्निहोत्र की विधि तथा महिमा” ऋषियों ने कहा :- सूत जी! आप हमें वह…

विद्येश्वर संहिता ( बारहवाँ अध्याय ) “मोक्षदायक पुण्य क्षेत्रों का वर्णन”

“मोक्षदायक पुण्य क्षेत्रों का वर्णन” सूत जी बोले :– हे विद्वान और बुद्धिमान महर्षियो! मैं मोक्ष देने वाले शिवक्षेत्रों का…

विद्येश्वर संहिता ( ग्यारहवाँ अध्याय ) शिवलिंग की स्थापना और पूजन विधि का वर्णन

“शिवलिंग की स्थापना और पूजन विधि का वर्णन“ ऋषियों ने पूछा :- सूत जी! शिवलिंग की स्थापना कैसे करनी चाहिए…

विद्येश्वर संहिता ( दसवां अध्याय ) प्रणव एवं पंचाक्षर मंत्र की महत्ताप्रणव एवं पंचाक्षर मंत्र की महत्ता

प्रणव एवं पंचाक्षर मंत्र की महत्ता ब्रह्मा और विष्णु ने पूछा – प्रभो ! सृष्टि आदि पांच 5 कृत्यों के…

विद्येश्वर संहिता ( आठवां अध्याय ) ब्रह्मा जी का अभिमान भंग

ब्रह्मा जी का अभिमान भंग नंदीकेश्वर बोले – महादेव जी ब्रह्मा जी के छल पर अत्यंत क्रोधित हुए । उन्होंने…

विद्येश्वर संहिता ( छठा अध्याय ) ब्रह्मा – विष्णु युद्ध 

ब्रह्मा – विष्णु युद्ध  नंदिकेश्वर बोले – पूर्व काल में श्री विष्णु अपनी पत्नी लक्ष्मी जी के साथ शेष –…

विद्येश्वर संहिता ( तीसरा अध्याय ) श्रवण , कीर्तन और मनन साधनों की श्रेष्ठता

श्रवण , कीर्तन और मनन साधनों की श्रेष्ठता व्यास जी कहते हैं – सूत जी के वचनों को सुनकर सभी…

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