उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का फल

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का चिह्न

वैदिक ज्योतिष के अनुसार उत्तराषाढ़ानक्षत्र का स्वामी सूर्य ग्रह है। यह हाथी दांत या छोटी चारपाई की तरह दिखायी देता है। इस नक्षत्र विश्वदेव और लिंग स्री है। यदि आप उत्तराषाढ़ानक्षत्र से संबंध रखते हैं, तो उससे जुड़ी अनेक जानकारियाँ जैसे व्यक्तित्व, शिक्षा, आय तथा पारिवारिक जीवन आदि यहाँ प्राप्त कर सकते हैं।

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के जातक का व्यक्तित्व

आप संस्कारी, साफ़ दिल के और मृदुभाषी हैं। आपके चेहरे से एक मासूमियत झलकती है। आपकी सामाजिक स्थिति बहुत अच्छी है और आप ज़्यादा तड़क-भड़क दिखाना पसंद नहीं करते हैं। आपका पहनावा भी साधारण है। आप धार्मिक हैं और दूसरों का विशेष आदर करते हैं। आपका स्वभाव रहस्यमय है इसलिए आपसे एक बार मिलने के बाद आपके स्वभाव का पता नहीं चलता है। आपके आँखों में एक चमक है व चेहरे पर कोई तिल का निशान हो सकता है। प्रत्येक काम को आप पूरी ईमानदारी से करते हैं, तथा आपका व्यवहार स्पष्टवादी है। न तो आप किसी को धोखा देते हैं और न किसी के लिए परेशानी खड़ी करते हैं। अपनी अच्छाईयों व नेक दिल के कारण कई बार आप बिन बुलाई समस्याओं में फँस जाते है। आप आसानी से किसी पर विश्वास नहीं करते परन्तु जब एक बार आप किसी पर विश्वास कर लेते हैं तो उसके लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। आप आराम पसंद हैं और कोई भी निर्णय जल्दबाज़ी में नहीं करते। जिन लोगों पर आपका भरोसा होता है उनसे सही राय लेने में भी आप नहीं चूकते हैं। अगर किसी से आपका कुछ मनमुटाव हो जाता है तो भी कटु शब्दों का प्रयोग आप कभी नहीं करते व अपने विरोधियों पर भी अपनी अप्रसन्नता या नाराज़गी ज़ाहिर नहीं करते हैं। आध्यात्मिक क्षेत्र में भी आपकी रुचि है। जप, तप, व्रत उपवास करके धार्मिक जीवन में सफल हो सकते हैं। एक बार अगर आप आध्यात्मिक पथ पर आगे बढ़ जातें हैं तो सभी प्रकार के माया-मोह के बंधन आपको नीरस लगने लगते हैं। अत्यधिक परिश्रमी होने से आप निरंतर कर्म करने में विश्वास रखते हैं। शिक्षा का क्षेत्र हो अथवा नौकरी, व्यवसाय का; आप सबसे आगे रहना पसंद करते हैं। आपको बचपन से ही अपने परिवार की ज़िम्मेदारियाँ उठानी पड़ेंगी वैसे आपका बचपन अच्छा बीतेगा। किसी भी विवादास्पद व्यवहार में आपको सावधानी अपनानी चाहिए। किसी भी साझेदारी में पड़ने से पहले उस व्यक्ति को अच्छी तरह परख लेना चाहिए जिसके साथ आप व्यापार करने की सोच रहें हैं, वरना परेशानियाँ उठानी पड़ सकती हैं। 38 वर्ष की आयु के बाद से आपको चौतरफ़ा सफलता और उन्नति मिलेगी। आपका जीवनसाथी ज़िम्मेदार व स्नेहपूर्ण होगा, परन्तु उनका स्वास्थ्य आपकी चिंता का कारण भी रहेगा। नेत्र और पेट से सम्बंधित रोग आपको परेशान कर सकते हैं, इसलिए इस ओर हमेशा सचेत रहें। आपका रुप आकर्षक होगा लेकिन आप थोड़े हठी स्वभाव के हो सकते हैं। बेकार के विवादों से आपको बचना चाहिए। वैसे आप सुशिक्षित होंगे और अध्यापन या बैंकिंग के क्षेत्र में विशेष सफलता पा सकते हैं।

शिक्षा और आय

आप उपदेशक या प्रवचनकर्ता, पुरोहित, कथावाचक, ज्योतिषी, वकील, न्यायधीश, सरकारी कर्मचारी, मनोविज्ञानिक, सेना से जुड़े कार्य, पशु पालन, पहलवान, बॉक्सर, जूडो-कराटे, एथलीट, अध्यापक, सुरक्षाकर्मी, अंगरक्षक, आध्यात्मिक चिकित्सक, राजनैतिक नेता, व्यवसाय, बैंकिंग आदि करके सफल हो सकते हैं।

पारिवारिक जीवन

आपका पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा परन्तु जीवनसाथी के स्वास्थ्य के प्रति चिंता लगातार रह सकती है। आपका जीवनसाथी अच्छे स्वभाव का व मिलनसार होगा। आपके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करेंगे परन्तु बच्चों से कुछ मनमुटाव भी रह सकता है।

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