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January 28, 2023 03:30
Omasttro

किसी भी मकान (House) को बनाते समय वास्तु नियमों (Vastu Rules) की अनदेखी नहीं करनी चाहिए क्योंकि ऐसा होने पर उत्पन्न होने वाला वास्तु दोष (Vastu Dosh) आपकी परेशानियों को बड़ा कारण बन सकता है. विशेष रूप से घर के भीतर बाथरूम (Bathroom) को बनाते समय जरूर वास्तु नियमों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए. यदि आपने जाने-अनजाने बाथरूम को गलत दिशा या स्थान पर बनवा दिया तो वह आपकी धन हानि, स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों और घर की कलह आदि का बड़ा कारण बन सकता है. इन सभी बुरी परिस्थितियों से बचने के लिए आइए जानते हैं कि आखिर घर के किस दिशा या फिर स्थान पर बाथरूम बनाना चाहिए.



वास्तु के अनुसार घर में हमेशा बाथरूम को उत्तर या उत्तर-पश्चिम कोने में बनवाना चाहिए. भूलकर भी बाथरूम को ईशान कोण, दक्षिण, दक्षिण-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में न बनवाएं, अन्यथा उससे उत्पन्न वास्तु दोष का जीवन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.


वास्तु के अनुसार घर के कमरों के साथ अटैच बाथरूम बनाने से बचना चाहिए. वास्तु में इसे शुभ नहीं माना गया है. वास्तु के अनुसार बाथरूम चंद्र का और शौचालय राहु का स्थान होता है. ऐसे में इससे उत्पन्न होने वाला दोष घर-परिवार से जुड़े सदस्यों के लिए बड़ी परेशानियों का कारण बनता है.


वास्तु के अनुसार कभी भी किचन, मंदिर के बगल में या फिर सीढ़ी के नीचे बाथरूम नहीं बनवाना चाहिए. वास्तु में इसे गंभीर वास्तु दोष माना गया है, जिसका व्यक्ति की सेहत और आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है.


वास्तु के अनुसार घर के बाथरूम में पानी का बहाव हमेशा उत्तर-पूर्व की तरफ होना चाहिए. भूलकर भी बाथरूम के पानी का बहाव उत्तर से दक्षिण की तरफ न रखें. इसी प्रकार बाथरूम का वेंटिलेशन उत्तर या पूरब दिशा में ही रखें.


वास्तु के अनुसार बाथरूम में नीले रंग की बाल्टी और मग के लिए नीला रंग शुभ माना गया है, जबकि बाथरूम में काले, बैंगनी और कत्थई रंग की बाल्टी या मग को रखने से बचना चाहिए.


वास्तु के अनुसार बाथरूम में टॉयलेट सीट की इस तरह से लगवाना चाहिए कि उस पर बैठते समय व्यक्ति का मुंह हमेशा उत्तर या दक्षिण दिशा की ओर रहे.


बाथरूम का टूटा-फूटा या फिर हमेशा खुला रहने वाला दरवाजा गंभीर वास्तु दोष पैदा करता है, जिसका घर के लोगों पर बुरा असर पड़ता है. वास्तु के अनुसार दरवाजा हमेशा बंद करके रखना चाहिए.


वास्तु के अनुसार बाथरूम में नुकीले आकार वाला आईना (Mirror) नहीं लगाना चाहिए. वास्तु के अनुसार आयताकार और वर्गाकार आईना शुभ माना जाता है. वास्तु नियमों के अनुसार यदि आपके बाथरूम का आईना चटक जाए या फिर धुंधला पड़ जाए तो उसे तुरंत बदल दें, अन्यथा उससे उत्पन्न दोष का आपके जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. वास्तु के अनुसार बाथरूम में जब भी आईना लगाएं इस बात का पूरा ख्याल रखें कि वह दरवाजे के ठीक सामने न हो.


(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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